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जोजिला टनल का फाइनल ब्रेकथ्रू आज: दुनिया की सबसे ऊंची सिंगल-ट्यूब सड़क सुरंग से सालभर कनेक्टिविटी होगी सुनिश्चित

Zoji La Tunnel का फाइनल ब्रेकथ्रू पूरा होने वाला है, जिससे श्रीनगर और लद्दाख के बीच सालभर सड़क संपर्क सुनिश्चित होगा। यह दुनिया की सबसे ऊंची सिंगल-ट्यूब सड़क सुरंग है।

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Zoji La Tunnel breakthrough connects Kashmir and Ladakh.

जोजिला टनल के जरिए0 श्रीनगर और लद्दाख के बीच पूरे साल यानी 365 दिन सड़क संपर्क बना रहेगा। (Photo - ANI)

Zoji La Tunnel Final Breakthrough: भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल जोजिला टनल परियोजना मंगलवार यानी आज एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रही है। इस दिन सुरंग की अंतिम खुदाई पूरी होने के साथ इसका 'फाइनल ब्रेकथ्रू' होगा। 13.15 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल के पूरा होने पर यह दुनिया की सबसे ऊंचाई पर स्थित सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब दो-तरफा सड़क सुरंग बन जाएगी। यह सुरंग समुद्र तल से करीब 11,578 फीट की ऊंचाई पर बनी है। इसके जरिए जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग के पास बालटाल को लद्दाख के द्रास-कारगिल क्षेत्र के मीनामार्ग से जोड़ा जाएगा। श्रीनगर और लद्दाख के बीच पूरे साल यानी 365 दिन सड़क संपर्क बना रहेगा।

पर्यटन बढे़गा, सेना की आवाजाही होगी तेज

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य श्रीनगर और लद्दाख के बीच सालभर सड़क संपर्क सुनिश्चित करना है। अभी जोजिला दर्रा सर्दियों में भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और खराब मौसम के कारण कई महीनों तक बंद रहता है, जिससे लद्दाख का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से कट जाता है। परियोजना के पूरा होने के बाद सेना और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी अधिक आसान और तेज होगी। क्षेत्र में परिवहन, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

हिमालय के लिए उपयुक्त तकनीक से बनाई सुरंग

जोजिला टनल का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड से किया जा रहा है। यह हिमालय की कमजोर और जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के लिए सबसे उपयुक्त तकनीक मानी जाती है। इस तकनीक में सुरंग की चरणबद्ध खुदाई की जाती है और तुरंत कंक्रीट की परत, रॉक बोल्टिंग और लगातार भू-तकनीकी निगरानी के जरिए सुरंग को सुरक्षित बनाया जाता है।

हिमस्खलन से बचने के लिए खास इंतजाम

परियोजना में हिमस्खलन और भारी बर्फबारी से सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत कट-एंड-कवर संरचनाएं और मजबूत सुरक्षा दीवारें बनाई जा रही हैं, ताकि खराब मौसम में भी सड़क मार्ग सुरक्षित और चालू रहे।

नितिन गडकरी अंतिम ब्लास्ट को ट्रिगर करेंगे

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी स्वयं निर्माण स्थल पर मौजूद रहकर अंतिम ब्लास्ट को ट्रिगर करेंगे। मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, टनल निर्माण की दुनिया में इस महत्वपूर्ण क्षण को “हिस्टोरिक हैंडशेक” कहा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस अंतिम विस्फोट के साथ ही कश्मीर की ओर स्थित बालटाल (वेस्ट पोर्टल) और लद्दाख की ओर स्थित मीनमार्ग (ईस्ट पोर्टल) आपस में पूरी तरह जुड़ जाएंगे। इसके साथ ही इस अत्यंत कठिन, दुर्गम और जोखिम भरे भूभाग में चल रही खुदाई का सबसे चुनौतीपूर्ण चरण भी समाप्त हो जाएगा।