
Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र गुरुवार को समाप्त हो गया है। इस बार मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहा। सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों ने सदन के अंदर और बाहर जमकर प्रदर्शन किया। वहीं सत्र के समापन के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि विपक्षी एकजुटता के चलते सरकार अपने कई अहम प्रस्तावों को पास नहीं करा पाई।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए विपक्ष की पांच पड़ी सफलताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विरोध के कारण सरकार ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, गिरफ्तार होने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पद से हटाने से जुड़े संवैधानिक संशोधन, FCRA विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन को आगे नहीं बढ़ा सकी।
इस दौरान कांग्रेस नेता ने दावा किया कि इस पूरे सत्र में मोदी सरकार विपक्ष के दबाव में रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की संसद में मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों नेता सत्र के दौरान अधिकांश समय संसद से दूर रहे और अंतिम दिन ही सदन में दिखाई दिए।
हालांकि, बीजेपी ने कांग्रेस के इन दावों को खारिज कर दिया। बीजेपी का कहना है कि विपक्ष ने लगातार अपनी मांगें बदलीं और सदन की कार्यवाही को बाधित किया। पार्टी ने कांग्रेस के सफलता वाले दावे को राजनीतिक प्रचार करार देते हुए कहा कि संसद में कामकाज प्रभावित करने की जिम्मेदारी विपक्ष की है।
मानसून सत्र के समाप्त होने के बाद बीजेपी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान सांसद रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद का पूरा मानसून सत्र उस व्यक्ति के अहंकार, गैर-जिम्मेदाराना रवैये, खुद को विशेष अधिकार प्राप्त समझने की भावना और पूरी तरह अनुशासनहीनता की बलि चढ़ गया, जिसे विपक्ष का नेता कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी बहन के साथ बिना अनुमति प्रधानमंत्री आवास के गेट पर जाकर बैठ गए। राहुल गांधी के पिता, दादी और परदादा प्रधानमंत्री रह चुके हैं। इसलिए उन्हें यह पता होना चाहिए कि प्रधानमंत्री का आवास कितना महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थान है।