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उत्तराखंड में बारिश से 5 लोगों की मौत, जीरो जोन घोषित हुआ नैनीताल

उत्तराखंड में सोमवार को भूस्खलन में 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं भारी बारिश के चलते नैनीताल का संपर्क देश से पूरी तरह से कट गया है।
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Updated: 18 Oct 2021, 10:45 PM IST
5 people died due to heavy rain in uttarakhand, nainital zero zone
5 people died due to heavy rain in uttarakhand, nainital zero zone

नई दिल्ली। भारत के कई राज्यों में इन दिनों आफत की बारिश हो रही है। केरल में बारिश से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं उत्तराखंड में रविवार से हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड में सोमवार को भूस्खलन में 5 लोगों की मौत हो गई। राज्य आपाकालीन परिचालन केंद्र द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पौड़ी जिले में लैंसडौन क्षेत्र के समखाल में भारी बारिश के चलते भूस्खलन हुआ। वहीं इसका मलबा एक होटल के निर्माण में लगे मजदूरों के तंबू में आ गिरा। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

गृहमंत्री ने राज्य के सीएम से की बात
इसके साथ ही चंपावत जिले में एक मकान के ढहने से दो अन्य लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में कई लोगों को रेस्क्यू भी किया गया है। बता दें कि उत्तराखंड में रविवार से 19 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और बारिश से बचाव के लिए की जा रही तैयारियां पर चर्चा की। इस दौरान अमित शाह ने उत्तराखंड के सीएम को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

देश से कटा नैनीताल का संपर्क
बता दे कि बारिश के चलते नैनीताल के हल्द्वानी, कालाढूंगी और भवाली तीनों मार्ग बंद हो गए हैं। इससे शहर का देश और दुनिया से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इसके साथ ही पुलिस ने संबंधित विभागों को सूचित करने के साथ ही राहत कार्य शुरू कर दिया है। बावजूद इसके लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्य मे भी खतरा बना हुआ है। इसके चलते तीनों मार्गों में लोगों की आवाजाही भी पूरी तरह से रोक दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि हल्द्वानी, कालाढूंगी और भवाली तीनों मार्गो में मलबा आने के कारण नैनीताल की ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। वहीं सीओ संदीप नेगी ने बताया कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों के वाहनों को वापस लौटाया जा रहा है। इसके साथ ही स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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