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चेहरा दिखाइए, पहचान कराइए, पांच नई पहल लागू, आधार से जुड़े काम होंगे आसान

Aadhaar कार्ड में अब फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू होगा। UIDAI ने ईपीडीएस राशन वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन, SWIK पोर्टल 2.0, टोकन सिस्टम समेत पांच नई पहल शुरू कीं। जानें पूरी खबर।
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Oct 01, 2026
आधार में बायोमेट्रिक अपडेट
आधार में बायोमेट्रिक अपडेट

Aadhaar face authentication: देश में अब आधार कार्ड को नए हाईटेक सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत अब आधार कार्ड में फेस रिकॉग्नाइज सिस्टम लागू होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि मुफ्त या रियायती राशन को बांटने में होने वाली गड़बडिय़ों पर अंकुश लगाने में आसानी होगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं में आधार के जरिए प्रमाणीकरण को भी पहले से ज्यादा आसान बनाया गया है।

दरअसल, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार से जुड़ी सेवाओं को ज़्यादा आसान बनाने और डिजिटल गवर्नेंस को बेहतर करने के लिए पांच नई पहल की घोषणा की। इनमें सबसे अहम इलेक्ट्रॉनिक पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (ईपीडीएस) के लिए फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम है। इसके अलावा एक नया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम, कम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए आधार ऑथेंटिकेशन को आसान बनाने वाला फ्रेमवर्क जैसे कई बदलाव किए हैं।

ये 5 पहल:

1.फेस रिकनाईजेशन सिस्टम : ये ईपीडीएस पर मुफ्त या रियायती राशन के लिए लागू होगा। राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस सुविधा को अपने-अपने सिस्टम में इंटीग्रेट कर सकते हैं।

असर : आधार कार्ड में जहां पर बायोमेट्रिक या आईरिस स्कैनिंग में समस्या है या इसके बावजूद गड़बड़ी की शिकायत है, वहां पर फेस रिकनाईजेशन सिस्टम के जरिए ज्यादा बेहतर प्रमाणीकरण को लागू करना है।

  1. नया पोर्टल 2.0 : एसडब्ल्यूआईके पोर्टल 2.0 भी लॉन्च किया, ताकि उस प्रक्रिया को आसान बनाया जा सके, जिसके जरिए कोई भी संस्थान आधार ऑथेंटिकेशन के लिए अप्रूवल मांगता हैं।

असर : केंद्र और राज्य से जुड़ी विभिन्न योजनाओं में आधार प्रमाणीकरण मांगा जाता है। उनमें इस पोर्टल के जरिए आसानी होगी। इसमें सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में आधार के जरिए प्रमाणीकरण आसान हो जाएगा। सरकार आसानी से सत्यापन कर सकेगी।

  1. नया टोकन सिस्टम: आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए प्राधिकरण के राज्य और क्षेत्रीय कार्यालयों में लोगों के आने-जाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया गया।

असर - सरकारी कार्यालयों में जहां पर आधार के जरिए विजिट वेरिफिकेशन का होता है, वह आसान बनेगा। इस सिस्टम से मॉनिटरिंग भी आसान होगी। कार्यालय-आधारित सेवाओं तक पहुंच सुविधाजनक होगी।

  1. नया फ्रेमवर्क: यह सरकारी कार्यालय और अर्ध शासकीय या निजी कार्यालय के बीच आधार के जरिए होने वाले कम्युनिकेशन के लिए लाया गया है। इसमें आधार प्रमाणीकरण और बेहतर होगा।

असर : सरकारी और योग्य गैर-सरकारी संस्थाओं के बीच आधार ऑथेंटिकेशक इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। निजी सेक्टर में भी सरकारी आधार कार्ड के जरिए प्रमाणीकरण बढ़ सकेगा। प्रमाणीकरण पहले से ज्यादा आसान होगा और इसका दायरा बढ़ेगा।

  1. वेबसाइट और एप रिडिजाइन : आधार के लिए वेबसाइट और ऐप को भी रिडिजाइन किया गया है। इसमें एक्सेसिबिलिटी को भी शामिल किया गया है, जिसमें स्क्रीन-रीडर कम्पैटिबिलिटी, एडजस्टेबल फॉन्ट साइज और कीबोर्ड नेविगेशन जैसे फीचर शामिल हैं।

असर: तेजी से बढ़ रहा है आई और तकनीक के चलते ज्यादा बेहतर तकनीक का अब इस्तेमाल वेबसाइट और ऐप पर हो सकेगा। इससे आधार से जुड़ी जानकारी और सर्विस ज़्यादा आसान बनेगी। कीबोर्ड नेविगेशन के कारण दिव्यांगों को भी वेबसाइट पर सपोर्ट मिल सकेगा।

23 भाषाओं में जोड़ेगे

प्राधिकरण ने यह भी कहा है कि अब आधार को 23 भाषाओं में जोडऩे पर काम होगा। इसके तहत आधार देश की अधिकृत 23 भाषाओं में उपलब्धता और कम्युनिकेशन बढ़ाएगा।

Updated on:
01 Oct 2026 06:42 am
Published on:
01 Oct 2026 06:42 am