पश्चिमी विक्षोभ के असर से देशभर में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी है, जबकि दक्षिणी इलाकों में उमस बढ़ी है। 26 मार्च से फिर नई बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते उत्तर-पश्चिम भारत में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां इस प्रणाली का असर मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिमी राज्यों में दिखाई दे रहा था, वहीं अब इसका प्रभाव धीरे-धीरे पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत की ओर बढ़ गया है। बीते तीन दिनों के दौरान हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। हालांकि शनिवार को मौसम के मिजाज में फिर से बदलाव देखने को मिला।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह की मौसम गतिविधियां देखने को मिलीं। पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रहा। वहीं दूसरी ओर दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। इस प्रकार देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति पूरी तरह से विपरीत रही। बिहार, सौराष्ट्र-कच्छ और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके अलावा पंजाब, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आईं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर रबी फसलों पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
राजस्थान की बात करें तो यहां के कई जिलों में शनिवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास हुआ। वहीं अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो इस बात का संकेत है कि मौसम अभी स्थिर नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 22 मार्च को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे अचानक मौसम खराब हो सकता है। उत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 23 मार्च को हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में गरज-चमक और लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरी तरह समाप्त नहीं होगा। संभावना जताई जा रही है कि 26 मार्च के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।