
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय। (Photo- IANS)
तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट के बाद बड़ा सियासी बवाल देखने को मिला है। तमिलनाडु के पूर्व सीएम एडप्पडी पलानीस्वामी ने सीएम विजय का साथ देने वाले कई बड़े नेताओं को अपनी पार्टी AIADMK से निकाल दिया है।
बता दें कि तमिलनाडु चुनाव के बाद से ही AIADMK में फूट साफ दिख रही है। पार्टी के महासचिव एडप्पडी पलानीस्वामी (ईपीएस) ने साफ कहा कि पार्टी का अनुशासन तोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विजय की पार्टी टीवीके के साथ हाथ मिलाने वाले विधायकों और जिला स्तर के नेताओं को उनके सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया। इस कदम से साफ है कि AIADMK अब सख्ती से अपनी लाइन पर चलना चाहती है और किसी भी बगावत को कुचलने को तैयार है।
सबसे पहले बड़े नामों पर नजर डालें तो पूर्व मंत्री एसपी वेलुमणि, सी।वी। षणमुगम और सी विजयभास्कर जैसे विधायकों को पार्टी फंक्शनरी के पदों से हटा दिया गया है। ये नेता टीवीके को सपोर्ट करने के लिए सामने आए थे। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले भी इनकी सक्रियता ने ईपीएस को नाराज कर दिया।
नाथम विश्वनाथन को AIADMK के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी और डिंडीगुल ईस्ट जिला सचिव पद से भी हटा दिया गया है। इसी तरह सी वे षणमुगम को ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी और विलुपुरम जिला सचिव पद से अलग कर दिया गया है। इन सब नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी की एकता को नुकसान पहुंचाया और विजय की टीवीके के साथ मिलकर काम किया।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में टीवीके ने अच्छा प्रदर्शन किया और सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच गई। इस दौरान AIADMK के कई विधायकों ने सोचा कि विजय के साथ जाना फायदेमंद होगा।
करीब 30 विधायकों का एक गुट षणमुगम और वेलुमणि के नेतृत्व में TVK को समर्थन देने के लिए तैयार हो गया। उन्होंने ईपीएस की लीडरशिप पर भी सवाल उठाए।
अब इस एक्शन के बाद AIADMK में स्प्लिट की आशंका और बढ़ गई है। कुछ नेता कह रहे हैं कि पार्टी अब दो हिस्सों में बंट सकती है। उधर, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कार्रवाई AIADMK को और कमजोर कर सकती है।
Published on:
13 May 2026 09:01 pm
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