13 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

NEET 2026 Paper Leak: रद्द हुई परीक्षा फिर कब होगी? आ गया नया अपडेट, पकड़े गए 5 आरोपियों को लेकर भी बड़ा खुलासा

NEET Exam Cancelled: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला अब पूरी तरह से सियासी हो गया है। सीबीआई ने एक भाजपा नेता के करीबी को दबोचा है, वहीं NTA जल्द ही री-नीट परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान करने जा रहा है।

3 min read
Google source verification

भारत

image

MI Zahir

May 13, 2026

cbi investigation neet ug paper leak

NEET-UG पेपर लीक मामले में एक्शन में CBI

NEET UG Exam Cancelled : देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 अब केवल शिक्षा व्यवस्था की नाकामी का ही नहीं, बल्कि सियासी रसूख और भ्रष्टाचार का भी सबसे बड़ा प्रतीक बन गई है। 'गैस पेपर' लीक होने के बाद 22 लाख से ज्यादा छात्रों का भविष्य अधर में है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा रद्द कर दी है, लेकिन अब इस पूरे महाघोटाले में 'पॉलिटिकल पावर' की एंट्री हो गई है। सीबीआई (CBI) की जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं। पेपर माफियाओं के तार अब सत्ता के गलियारों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। दसके केस में राजस्थान के जयपुर से तीन भाइयों मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल और दिनेश बीवाल को गिरफ्तार किया गया है। जबकि महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार नाम के आरोपी को हिरासत में लिया गया है। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम से यश यादव को दबोचा गया है, जो इस नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पेपर लीक का पॉलिटिकल कनेक्शन और 'सफेदपोश'

नीट पेपर लीक मामला अब एक सामान्य धांधली से आगे बढ़कर एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। जांच एजेंसियों की रडार पर अब कुछ ऐसे 'सफेदपोश' आ गए हैं, जिनका सीधा संबंध राजनीतिक दलों से है। सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान और हरियाणा में हुई गिरफ्तारियों के बाद सीबीआई के हत्थे एक ऐसा शख्स लगा है, जो कथित तौर पर एक स्थानीय भाजपा नेता का बेहद करीबी माना जाता है। आरोप है कि इसी रसूखदार व्यक्ति ने पेपर लीक करने वाले गिरोह को न केवल सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराए, बल्कि लॉजिस्टिक और फंडिंग में भी बड़ी मदद की।

100 से अधिक सवाल हूबहू मैच हो गए

इस खुलासे से यह साफ होता जा रहा है कि 100 से अधिक सवालों का हूबहू मैच होना सिर्फ कुछ दलालों के बस की बात नहीं थी। इसके पीछे एक बेहद मजबूत और राजनीतिक संरक्षण प्राप्त सिंडिकेट काम कर रहा था। सीबीआई अब उन कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट्स को खंगाल रही है, जो इस 'पॉलिटिकल पावर' का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोल सकते हैं।

जानिए अब दुबारा कब होगी परीक्षा ?

पेपर लीक और सियासी घमासान के बीच सबसे बड़ा सवाल उन 22 लाख छात्रों का है, जो अब री-एग्जाम की तैयारी को लेकर असमंजस में हैं। शिक्षा मंत्रालय और एनटीए के सूत्रों के अनुसार, परीक्षा रद्द होने के बाद अब नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि एनटीए अगले एक सप्ताह के भीतर नई तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर देगा। जानकारों का मानना है कि नई परीक्षा जून के अंत या जुलाई के पहले सप्ताह में आयोजित की जा सकती है। छात्रों को इसके लिए दोबारा फीस भरने या नया रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं होगी। एनटीए अपनी वेबसाइट पर बहुत जल्द नई 'एग्जाम सिटी स्लिप' और 'एडमिट कार्ड' जारी करेगा।

विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया

भाजपा नेता के करीबी का नाम सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी दलों का कहना है कि सत्ता के संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर पेपर लीक संभव ही नहीं है। वहीं, छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं और सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

गृह मंत्रालय और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ बैठकें शुरू

सीबीआई की कई टीमें इस वक्त नासिक, जयपुर और गुरुग्राम के अलावा दिल्ली में भी डेरा डाले हुए हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस पॉलिटिकल सिंडिकेट में और कितने राजनेता या नौकरशाह शामिल हैं। दूसरी तरफ,एनटीए ने नई परीक्षा को पूरी तरह से फुलप्रूफ बनाने के लिए गृह मंत्रालय और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।

सिस्टम की नाकामी के बीच ऐसे हुआ खेला

इस पूरी सियासत और सिस्टम की नाकामी के बीच सबसे बड़ा शिकार वह छात्र हुआ है, जिसने अपने सपनों के लिए दिन-रात एक कर दिया था। जब मेधावी छात्रों को पता चलता है कि उनकी महीनों की मेहनत को किसी 'सफेदपोश' ने चंद रुपयों और अपने रसूख के लिए बेच दिया, तो उनका सिस्टम से भरोसा उठ जाता है। यह सिर्फ एक परीक्षा का रद्द होना नहीं, बल्कि देश के भविष्य के साथ हुआ एक क्रूर मजाक है।