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जयपुर से नासिक तक CBI की छापेमारी: 5 आरोपी किए गिरफ्तार, 410 सवाल में 120 हुए थे लीक

NEET-UG Paper Leak केस में CBI ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक में छापेमारी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में 120 सवाल असली पेपर से मैच होने का दावा सामने आया है।

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भारत

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Ankit Sai

May 13, 2026

cbi investigation neet ug paper leak

NEET-UG पेपर लीक मामले में एक्शन में CBI

NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक केस में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सीबीआई (CBI) ने बुधवार को पांच लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक में एक साथ धावा बोला। दरअसल, एजेंसी का फोकस अब उन डिजिटल सुरागों पर है, जिनके जरिए पेपर लीक हुआ था। वहीं, नासिक से पकड़े गए शुभम खैरनार की गिरफ्तारी सबसे अहम मानी जा रही है। नासिक पुलिस ने राजस्थान पुलिस के इनपुट पर उसे मंगलवार को हिरासत में लिया था, जिसे अब CBI अपनी कस्टडी में लेकर दिल्ली ला रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद कई और शहरों में बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

NTA मुख्यालय पहुंची टीम, जब्त किए गए अहम दस्तावेज

इसी बीच, CBI की एक विशेष टीम बुधवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय भी पहुंची। वहां अधिकारियों ने 3 मई को हुई परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। उधर, एजेंसी उन मैसेजिंग ऐप्स की फोरेंसिक जांच करा रही है, जिनसे पेपर सर्कुलेट हुआ था। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया CBI पेपर लीक से जुड़े सभी सुरागों की गहन तकनीकी और फोरेंसिक जांच कर रही है, और इस मामले में एक व्यापक, निष्पक्ष और पेशेवर जांच करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

केमिस्ट्री के 120 सवाल हुए मैच

इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने अपनी शुरुआती जांच की। SOG का दावा है कि परीक्षा से पहले जो 'गेस पेपर' बांटा गया था, उसमें करीब 410 सवाल थे। हैरान करने वाली बात यह है कि इनमें से लगभग 120 सवाल हूबहू नीट के असली पेपर में पाए गए। लेकिन असली विवाद तब शुरू हुआ जब 3 मई को परीक्षा हुई और 7 मई की शाम को गड़बड़ी की खबरें सामने आईं। NTA ने अगले दिन स्वतंत्र जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों को मामला सौंप दिया। अब CBI उन कड़ियों को जोड़ रही है कि आखिर ये 'गेस पेपर' प्रिंटिंग प्रेस से बाहर आया या किसी परीक्षा केंद्र से लीक हुआ।

22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य का सवाल

वहीं, सीबीआई ने आरोपियों के पास से कई स्मार्टफोन्स और लैपटॉप जब्त किए हैं। इन डिवाइस को फोरेंसिक लैब भेजा गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा और वॉट्सऐप चैट्स को रिकवर किया जा सके। 22.79 लाख छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था, जिनका भविष्य अब इस जांच की आंच पर टिका है। उधर, गुरुग्राम और जयपुर से पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है और इसमें कुछ रसूखदार लोगों के शामिल होने की भी आशंका है। अब देखना यह होगा कि सीबीआई की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में आगे किसका नाम सामने आता है।