
CJP founder Abhijeet Deepke: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए चुनाव आयोग और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव में बीजेपी बहुमत हासिल नहीं कर सकी। जब बीजेपी बहुमत हासिल करने में नाकाम रही, तभी ‘पैनिक बटन’ दबाया गया। ‘400 पार’ का नारा देने के बाद बीजेपी 240 सीटों पर आ गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने आगे कहा कि इसके बाद बीजेपी को एहसास हुआ कि देश का राजनीतिक मूड बदल रहा है और क्षेत्रीय ताकतें बहुत मजबूती से उभरकर सामने आई हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे हों, एनसीपी हो, एमके स्टालिन हों, पिनराई विजयन हों, अरविंद केजरीवाल हों या ममता बनर्जी। इन सभी मुख्यमंत्रियों को एक-एक करके हरा दिया है। यह महज एक संयोग नहीं हो सकता। इसमें आप पैटर्न देख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ये सभी मुख्यमंत्री 2024 में एक साथ आए थे और मिलकर चुनाव प्रचार किया था। फिर इन्हें एक-एक करके कैसे खत्म कर दिया गया? पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सीट पर 50,000 वोट हटा दिए जाते हैं और वह करीब 15,000 वोटों से हार जाती हैं। एमके स्टालिन की सीट से एक लाख वोट हटा दिए जाते हैं और वह करीब 45,000 वोटों से हार जाते हैं। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सीट से 40,000 वोट हटा दिए जाते हैं और वह करीब 4,000-5,000 वोटों से हार जाते हैं।
अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर 48 घंटे के भीतर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कॉकरोच जनता पार्टी देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।
इस दौरान अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार इस देश के सबसे बड़े राष्ट्र-विरोधी हैं। उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।
दीपके ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र का क्या मतलब था? लोकतंत्र का मतलब था कि जनता सरकार का चुनाव करेगी। लेकिन जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, तब से सरकार यह तय कर रही है कि किसे वोट देने की अनुमति दी जाएगी और किसे नहीं। क्या यही लोकतंत्र है? लोकतंत्र की यह कैसी परिभाषा है? आपने लोकतंत्र की पूरी अवधारणा को ही उलटकर रख दिया है।