
CJP Protest: NEET पेपर लीक और शिक्षा सुधारों को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपने तेवर और सख्त कर लिए हैं। जंतर-मंतर पर चल रहे धरने के दौरान CJP के संस्थापक और प्रमुख अभिजीत दीपके ने साफ कर दिया कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगी और अब बातचीत के लिए सरकार के पास नहीं जाएंगे।
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि उनकी पार्टी की मांगों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, "हमारी मांगें वही हैं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रभावित परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई।"
अभिजीत दीपके ने आगे कहा, "मैं सभी को बताना चाहता हूं कि यह एक लंबी लड़ाई है, लेकिन हम न केवल लड़ेंगे बल्कि जीतेंगे भी। जहां तक सरकार के साथ आगे बातचीत करने की बात है, तो हम अब उनके पास नहीं जाएंगे, उन्हें खुद यहां जंतर-मंतर आना होगा।"
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पथराव पर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए अभिजीत दीपके ने पुलिस प्रशासन पर साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "यह डेमोक्रेसी का लक्षण नहीं, यह तानाशाही है। यहां पर दिल्ली पुलिस परिंदे को भी पर नहीं मारने दे रही है, हमारे एक-एक बंदे की बैग और जेबें चेक हो रही हैं। बैरिकेड्स लगाकर पूरा इलाका ब्लॉक कर रखा था और लोगों को अंदर नहीं आने दिया जा रहा था। ऐसे में जंतर-मंतर के आसपास पत्थरों से भरे ट्रक कहां से आए, दिल्ली पुलिस इसका जवाब दे।"
उन्होंने आरोप लगते हुए आगे कहा, "दिल्ली पुलिस ने पहले से ही पूरी प्लानिंग करके इसे ऑर्केस्ट्रेट किया है। कल सिविल ड्रेस में भी कुछ लोग थे जो पुलिस नहीं थे, लेकिन उनके हाथों में बैटन और डंडे दे दिए गए थे। दिल्ली पुलिस की वर्दी में कल गुंडे भरे थे। नेम टैग हटाकर इन्होंने बच्चों और 12-12 साल की बच्चियों को पीटा है, क्या इन लोगों को शर्म नहीं आती? इस देश में आखिर क्या चल रहा है।"
गौरतलब है कि सोमवार को CJP समर्थकों के 'पार्लियामेंट मार्च' विरोध प्रदर्शन के दौरान, CJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से मिलने और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने के लिए दो बार उनके आवास का दौरा किया।
बैठक के बाद जे.पी. नड्डा ने बातचीत को सकारात्मक बताया और प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि, CJP नेताओं ने बातचीत को पूरी तरह से बेकार और बेनतीजा करार दिया।
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का चेहरा बने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल मंगलवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गई। दिल्ली हाई कोर्ट से सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित होने की अनुमति मिलने के बावजूद, वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं और छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा हल नहीं हो जाता।