
Abhishek Banerjee Foreign Treatment: सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने टीएमसी सांसद को इलाज के लिए तीन सप्ताह तक विदेश जाने की अनुमति दे दी। बनर्जी सितंबर में आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश जा सकेंगे। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि हर व्यक्ति को विदेश यात्रा करने और अपनी पसंद का इलाज कराने का अधिकार है। यह तय करना अदालत का काम नहीं है कि किसी व्यक्ति को कहां इलाज कराना चाहिए।
कोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा से पहले अपनी यात्रा की पूरी जानकारी, फ्लाइट डिटेल्स, विदेश में ठहरने की जगह और संबंधित डॉक्टर व अस्पताल की जानकारी देने का निर्देश दिया है।
बता दें कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। वह 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर डराने-धमकाने वाले बयान देने से जुड़े एक पुलिस मामले का सामना कर रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने 5 अगस्त को अभिषेक बनर्जी की विदेश जाकर आंखों का इलाज कराने की तत्काल अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने कहा था कि जब भारत में ही इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो बनर्जी को इलाज के लिए विदेश जाने की जरूरत नजर नहीं आती।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि इलाज कहां कराया जा रहा है, यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिले। अभिषेक बनर्जी की ओर से विदेश जाकर इलाज की अनुमति के लिए दायर याचिका को हाई कोर्ट ने इससे पहले 20 जुलाई को भी खारिज कर दिया था।
दरअसल, अभिषेक बनर्जी की आंख में 2016 में हुए एक सड़क हादसे के दौरान चोट लगी थी। इसी के बाद से उनकी आंख से जुड़ी समस्या का इलाज चल रहा है।
अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति देने का बीजेपी ने विरोध किया था। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि अगर उन्हें विदेश जाने दिया गया तो वह देश से बाहर रह सकते हैं।
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया था कि अभिषेक बनर्जी अपनी मेडिकल स्थिति को विदेश जाने के बहाने के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें इलाज की जरूरत है तो राज्य सरकार के अस्पताल में भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने भी अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि वह अपने राजनयिक पासपोर्ट का इस्तेमाल भारतीय कानून से बचने के लिए कर सकते हैं।
उन्होंने दावा किया था कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे देश में पहुंच जाता है, जिसके साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है, तो उसे वापस भारत लाना मुश्किल हो सकता है।