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NCPI में बढ़ी रार, BJP से गठबंधन को लेकर तीन मुस्लिम सांसदों ने जताई नाराजगी; TMC ने बताया ‘B-Team’

NCPI Muslim MP BJP: तृणमूल कांग्रेस से बगावत कर NCPI में शामिल हुए तीन मुस्लिम सांसदों के BJP के साथ गठबंधन को लेकर असहमति की खबरों से पार्टी में अंदरूनी कलह की चर्चा तेज हो गई है। TMC ने NCPI को BJP की ‘B-Team’ बताते हुए बागी सांसदों पर निशाना साधा है, वहीं TMC में वापसी की अटकलें भी सामने आई हैं।
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खलीलुर रहमान, यूसुफ पठान और अबु ताहिर खान (फोटो - एएनआई)

NCPI BJP Alliance Row: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के शामिल होने के बाद चर्चाओं में आई नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में अब अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। एनसीपीआई में बीजेपी के साथ गठबंधन को लेकर मतभेद नजर आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, TMC से बगावत कर NCPI में शामिल हुए तीन मुस्लिम लोकसभा सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान पार्टी के BJP के साथ बढ़ते करीबी रिश्तों से असहज हैं। 

तीनों सांसदों ने एनडीए की बैठकों से भी दूरी बनाई हुई है। उन्हें आशंका है कि BJP के साथ नजदीकी उनके पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है।

'BJP के साथ नहीं जाएंगे'

सांसद अबू ताहिर खान ने पहले ही साफ कर दिया के वे बीजेपी के साथ जाने या एनडीए का हिस्सा बनने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि हम BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे।

इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े और वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राज्य सरकार से चर्चा हुई है और मुख्यमंत्री ने जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिया है।

TMC ने बागी सांसदों पर साधा निशाना

वहीं दूसरी ओर, ममता बनर्जी के साथ बने हुए TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र देकर खुद को एनसीपीआई का सहयोगी बताया था। साथ ही, पार्टी के नेताओं की ओर से पहले ही NCPI को NDA का सहयोगी बताया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद में अल्पसंख्यक आबादी 60 से 65 फीसदी तक है और वहां के मतदाताओं के साथ धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि अब ये नेता अपनी स्थिति को कमजोर पड़ने से बचाने के लिए पूरे मामले को अलग तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।

'BJP की B-Team है NCPI'

TMC विधायक और ममता बनर्जी के करीबी नेता कुणाल घोष ने भी अबू ताहिर खान और खलीलुर रहमान पर तंज कसा है। उन्होंने एनसीपीआई को बीजेपी की बी टीम बताया है। 

कुणाल घोष ने कहा कि ये नेता असमंजस में हैं। जनता ने उन्हें BJP विरोधी वोटों के आधार पर और ममता बनर्जी के उम्मीदवार के तौर पर चुना था। अब अपनी लोकसभा सीट बचाए रखने के लिए वे BJP नेताओं के घरों के चक्कर लगा रहे हैं।

NCPI नेतृत्व ने मतभेद को किया खारिज

हालांकि, NCPI में मतभेद की खबरों को पार्टी सांसद काकली घोष दस्तीदार ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को NCPI सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ लंबी बैठक की थी।

काकली घोष दस्तीदार के मुताबिक, बैठक करीब दो घंटे चली और प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के विकास को लेकर कई सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि अबू ताहिर खान भी उस बैठक में मौजूद थे और उन्हें नहीं पता कि इसके बाद उन्होंने क्या बयान दिया।

TMC में वापसी की भी अटकलें

इस पूरे विवाद के बीच वरिष्ठ TMC नेता सौगत रॉय ने दावा किया है कि NCPI में शामिल कुछ बागी सांसद उनके संपर्क में हैं और ममता बनर्जी के खेमे में वापस लौटना चाहते हैं।

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