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Jharkhand Student Protest: छात्र आंदोलन के बीच झारखंड में सियासी हलचल, बाबूलाल मरांडी हिरासत में; BJP नेताओं को नजरबंद करने का आरोप

Jharkhand Protest: भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों की आवाज अब सियासी मुद्दा भी बनती दिख रही है। भाजपा ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कई नेताओं को घर से बाहर नहीं निकलने देने का आरोप लगाया है।
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Babulal Marandi detained

Jharkhand Protest: छात्र आंदोलन के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव, बाबूलाल मरांडी हिरासत में; BJP नेताओं पर नजरबंदी का आरोप (फोटो सोर्स: ANI)

Babulal Marandi Detained: झारखंड में कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को उस समय और तेज हो गया, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई नेताओं को सुबह सात बजे से ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया। शाहदेव के इस दावे ने प्रदर्शन के बीच राजनीतिक टकराव को और गहरा कर दिया है।

Jharkhand Student Protest: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच सियासी हलचल तेज

झारखंड में भर्ती परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर सोमवार को प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।

भाजपा ने इसे लेकर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि उन्हें और भाजपा के कई अन्य नेताओं को सुबह करीब सात बजे से ही घर में नजरबंद रखा गया। उनका आरोप है कि नेताओं को आंदोलन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई।

Babulal Marandi Detained: बाबूलाल मरांडी की हिरासत से बढ़ा सियासी पारा

बाबूलाल मरांडी झारखंड की राजनीति में प्रमुख विपक्षी चेहरों में शामिल हैं। ऐसे में छात्र आंदोलन के बीच उनकी हिरासत की खबर ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी। भाजपा ने सरकार और प्रशासन से सवाल किया कि यदि छात्रों की शिकायतों को लेकर प्रदर्शन हो रहा है तो विपक्षी नेताओं की गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत क्यों पड़ी।

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया कि पार्टी नेताओं को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ी बना आंदोलन का केंद्र

छात्रों का विरोध कथित भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर है। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे संदेहों का स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।

छात्रों के आंदोलन में परीक्षा से जुड़े मुद्दों के अलावा प्रशासन से जवाबदेही और प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग भी प्रमुख है। यही वजह है कि यह मामला केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है और राजनीतिक दल भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

भाजपा ने सरकार को घेरा

भाजपा ने आरोप लगाया है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सरकार को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान करना चाहिए।

वहीं, आंदोलन के आगे बढ़ने के साथ प्रशासन के सामने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों की मांगों को सुनने की दोहरी चुनौती है।