
Attack on Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के जश्न के दौरान कोलकाता स्थित उनके आवास के बाहर हुए हंगामे के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि रात करीब 2 बजे उनके समर्थकों पर हमला किया गया और उनके घर के बाहर लगे बैनर-पोस्टर फाड़ दिए गए। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा, "अभिषेक बनर्जी को मारने का समय किसके पास है?"
अभिषेक बनर्जी के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा नेता दिलीप घोष ने पूरी घटना को ड्रामा बताया। दिलीप घोष ने तंज कसते हुए कहा कि पहली बार किसी राजनेता का जन्मदिन आधी रात को फुटपाथ पर मनाते देखा गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई आधी रात को सड़क पर हंगामा करेगा, तो उसका विरोध होना और प्रतिक्रिया आना स्वाभाविक है।
अभिषेक बनर्जी की हत्या की साजिश के दावों पर दिलीप घोष ने कहा कि उनके पास अब कहने या करने के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए वे भावनात्मक बातों के जरिए जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि आखिरकार अभिषेक बनर्जी को मारने का समय किसके पास है, जो कोई उन पर हमला करने जाएगा।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के अनुसार रात करीब 2 बजे कालीघाट स्थित उनके आवास के बाहर भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि चोर-चोर चिल्लाने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके कार्यकर्ताओं को जमीन पर गिरा दिया और उन पर ईंट-पत्थरों से हमला किया। अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने दो दिनों तक उनके घर और कार्यालय की निगरानी करने के बाद यह हमला किया। ।
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, घटना के बाद वे अपने घर से बाहर निकले और पुलिस तथा भाजपा समर्थकों, दोनों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक रिवॉल्वर लेकर आए थे, जिससे पता चलता है कि वे पहले से ही हमला करने की योजना बनाकर आए थे।
उन्होंने दावा किया कि उनके एक सहयोगी के अंगूठे के पास गंभीर चोट आई है, जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि एक अन्य व्यक्ति की आंख के नीचे की हड्डी टूट गई है। अभिषेक ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, फिर भी समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
एक्स पर किए एक पोस्ट में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पिछले छह महीनों में उन पर जानलेवा हमला करने की यह सातवीं कोशिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है और न्यायपालिका ने भी इसमें कोई दखल नहीं दिया है।
19 जून को सोनारपुर में हुई एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि जब वे दिल्ली से लौट रहे थे, तब हथियारबंद लोगों ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी। उनके अनुसार, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को पकड़ लिया था, लेकिन औपचारिक शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।