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TMC के 20 बागी सांसदों पर फैसला कब? अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी, पूछा- 5 हफ्ते से एक्शन क्यों नहीं?

Abhishek Banerjee letter to Speaker: टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी छोड़ने वाले 20 सांसदों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जल्द सुनवाई और फैसला करने का अनुरोध किया है।
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तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी (सोर्स: IANS)

Abhishek Banerjee on TMC Rebel MPs: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का आग्रह किया है। पत्र में अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाया कि याचिकाएं दायर हुए पांच सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, फिर भी न तो कोई नोटिस जारी किया गया है और न ही सुनवाई की तारीख तय की गई है। उन्होंने दलबदल विरोधी कानून की भावना को बनाए रखने के लिए इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की।

19 जून को दायर की गई थी याचिका

अपने पत्र में अभिषेक बनर्जी ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतने वाले 20 सांसदों ने पार्टी के खिलाफ बगावत की और नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी में शामिल हो गए। इन सभी सांसदों के खिलाफ 19 जून को अलग-अलग अयोग्यता याचिकाएं दायर की गई थीं।

पत्र में कहा गया है कि याचिकाएं दायर होने के पांच सप्ताह बाद भी कोई निर्देश जारी न करना चिंता का विषय है। बनर्जी ने तर्क दिया कि संविधान के तहत लोकसभा स्पीकर को मिली शक्तियों का इस्तेमाल एक निश्चित समय-सीमा के भीतर किया जाना चाहिए ताकि दलबदल विरोधी कानून का उद्देश्य बेअसर न हो जाए।

सर्वदलीय मीटिंग में बागी गुट को बुलाए जाने पर जताई आपत्ति

पत्र में अभिषेक बनर्जी ने मॉनसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जहां इन सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की कार्रवाई अभी भी लंबित है, लेकिन संसदीय कार्य मंत्री ने उन्हें सर्वदलीय बैठक में बुलाया, जिससे स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हुआ। TMC नेता ने कहा कि किसी गुट के गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी से जुड़े होने को संसदीय मान्यता देने से दलबदल विरोधी कानून के प्रावधान कमजोर होते हैं। इसलिए, इन सांसदों की कानूनी स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता को दूर करना जरूरी है।

हर सांसद की याचिका पर अलग-अलग और निष्पक्ष सुनवाई की मांग

अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से अपील की है कि वे अयोग्यता याचिकाओं पर बिना देरी किए सुनवाई शुरू करें। चूंकि हर याचिका किसी खास सांसद की अयोग्यता से जुड़ी है और मामलों के तथ्य अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए सभी 20 मामलों की सुनवाई अलग-अलग होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सभी पक्षों और उनके कानूनी प्रतिनिधियों को सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखने का पूरा और प्रभावी मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया है कि वे संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अपनी जिम्मेदारियां निभाएं और जल्द से जल्द अंतिम आदेश जारी करें।

Updated on:
27 Jul 2026 05:59 pm
Published on:
27 Jul 2026 05:39 pm