धुरंधर 2 को लेकर देशभर में विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने फिल्म पर अतीक अहमद हत्याकांड को सही ठहराने का आरोप लगाते हुए बैन की मांग की है, जबकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है और चर्चा में बनी हुई है।
देशभर में इस समय फिल्म Dhurandhar 2 को लेकर जबरदस्त चर्चा हो रही है।सिनेमाघरों में भीड़ उमड़ रही है और कमाई के मामले में यह फिल्म तेजी से नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ती दिख रही है। लेकिन इसी बीच अब इस फिल्म को लेकर सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने फिल्म पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि इस फिल्म के जरिए एक बेहद संवेदनशील घटना को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म में अतीक अहमद और उसके भाई की सार्वजनिक हत्या को सही ठहराने की कोशिश की गई है, जो कि बेहद खतरनाक सोच को बढ़ावा दे सकती है।
मीडिया से बातचीत में अल्वी ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह की फिल्मों के जरिए लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि कानून और अदालतों की कोई जरूरत नहीं है? उन्होंने कहा कि अगर कोई सरकार या नेता अपनी मर्जी से लोगों की जान लेने लगे तो फिर न्याय व्यवस्था का क्या मतलब रह जाएगा। उन्होंने यह भी इशारा किया कि ऐसी फिल्मों के पीछे राजनीतिक समर्थन हो सकता है। उनके मुताबिक, जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, तब से इस तरह की फिल्मों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने यह तक कह दिया कि संभव है इन फिल्मों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन या फंडिंग मिल रही हो, ताकि देश का माहौल प्रभावित किया जा सके।
फिल्म के कंटेंट को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि इसमें पाकिस्तान के खिलाफ एक खास तरह का माहौल बनाने की कोशिश की गई है, लेकिन चीन जैसे दूसरे देशों को लेकर वैसी ही सख्ती क्यों नहीं दिखाई जाती। उनके अनुसार, यह चयन खुद एक खास मानसिकता को दर्शाता है। इतना ही नहीं, राशिद अल्वी ने फिल्म में नोटबंदी के संदर्भ को लेकर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि फिल्म में नोटबंदी को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, जबकि उस फैसले के दौरान कई लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। कांग्रेस नेता ने साफ तौर पर मांग की कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी फिल्में बनाने वाले निर्माताओं और निर्देशकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के विवादास्पद कंटेंट पर रोक लग सके।