
Delhi Trade Crisis
Israel Iran War: ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग ठप होने से दिल्ली के बाजार और व्यापार पर भयंकर संकट मंडरा रहा है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा तो दिल्ली के व्यापार और उद्योग को करीब 5000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। यह नुकसान सिर्फ एक्सपोर्ट तक सीमित नहीं, बल्कि लोकल मार्केट, स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है।
युद्ध के कारण भारत का 90% LPG इम्पोर्ट (मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट से) प्रभावित हुआ है। दिल्ली में LPG सिलेंडर की भारी कमी है—घरेलू सिलेंडर ब्लैक में 2000-2500 रुपये और कमर्शियल 3000-5000 रुपये तक बिक रहे हैं। दिल्ली के करीब 50,000 स्ट्रीट फूड वेंडर्स में से 30-40% (15,000-20,000) बंद होने के कगार पर हैं। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और बैंक्वेट हॉल सीमित घंटे चला रहे हैं या मेन्यू छोटा कर रहे हैं। कई वेंडर्स ने कहा, 'गैस नहीं तो चूल्हा नहीं जलता, रोजगार खतरे में है।'
एक्सपोर्ट पर सबसे बड़ा असर पड़ा है। चांदनी चौक, खारी बावली, भगीरथ प्लेस, कश्मीरी गेट और सदर बाजार जैसे प्रमुख बाजार दुबई के रास्ते वेस्ट एशिया और यूरोप में एक्सपोर्ट करते हैं। भारतीय गारमेंट्स (खासकर शेरवानी) ईरान और वेस्ट एशिया में बहुत लोकप्रिय हैं, लेकिन ट्रेड धीमा पड़ गया है। ड्राई फ्रूट्स (पिस्ता, आलूबुखारा, किशमिश, अंजीर, खजूर) ईरान से आते हैं—कीमतें 30-40% बढ़ गई हैं। फार्मा इंडस्ट्री में रॉ मटेरियल (पैरासिटामॉल 47%, डाइक्लोफेनाक 54%, एमोक्सिसिलिन 45%, सिप्रोफ्लोक्सासिन 60% महंगा) बढ़ने से दवाइयों की कीमतें बढ़ने का खतरा है। मार्च में GCC और WANA क्षेत्र में फार्मा एक्सपोर्ट से 2500-5000 करोड़ का नुकसान संभव है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित है। क्रूड ऑयल कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये/लीटर और डीजल 87.67 रुपये पर स्थिर है। सरकार ने घरेलू LPG को प्राथमिकता दी है, कमर्शियल यूज पर पाबंदी लगाई है। कई राज्य इंडक्शन कुकटॉप और PNG की सलाह दे रहे हैं।
व्यापारियों में हाहाकार मचा है। CTI का कहना है कि असर सिर्फ एक्सपोर्ट नहीं, लोकल प्रोडक्शन, रोजगार और दैनिक जीवन पर भी पड़ेगा। अगर युद्ध जारी रहा तो हजारों करोड़ का कारोबार और लाखों की आजीविका खतरे में आ सकती है। फिलहाल, दिल्ली के बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है—व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द कोई राहत मिले।
Updated on:
20 Mar 2026 09:58 pm
Published on:
20 Mar 2026 09:58 pm
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