
एयर इंडिया प्लेन। पत्रिका फाइल फोटो
Air India Canada Flight: एयर इंडिया की दिल्ली से वैंकूवर जाने वाली फ्लाइट AI185 एक बड़ी ऑपरेशनल गलती के कारण 'फ्लाइट टू नोवेयर' बन गई। 19 मार्च को दोपहर 11:34 बजे दिल्ली से रवाना हुई यह फ्लाइट लगभग 4 घंटे उड़ान भरने के बाद चीन के कुनमिंग इलाके में चीनी एयरस्पेस में पहुंची, तभी एयरलाइन को एहसास हुआ कि इस्तेमाल किया गया बोइंग 777-200LR विमान कनाडाई एयरस्पेस में प्रवेश करने के लिए अधिकृत नहीं है।
एयर इंडिया को कनाडा रूट पर केवल बोइंग 777-300ER फ्लीट का इस्तेमाल करने की अनुमति है। 777-200LR वैरिएंट के लिए अलग से रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं है, जो एयरक्राफ्ट टाइप, टेल नंबर या एयरलाइन-विशिष्ट हो सकता है। इस गलती के कारण पायलट को तुरंत यू-टर्न करना पड़ा। विमान ने वापसी की उड़ान भरी और कुल 7 घंटे 54 मिनट हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आया। पूरी घटना में लगभग 9 घंटे बीत गए, जिसमें यात्रियों को कोई गंतव्य नहीं मिला।
यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद परेशान करने वाला रहा।
लंबी उड़ान, ईंधन की बर्बादी और समय की हानि के बावजूद सभी यात्री और क्रू सुरक्षित उतरे। कोई चोट या घटना नहीं हुई। एयर इंडिया ने तुरंत ग्राउंड सपोर्ट दिया-प्रभावित यात्रियों को होटल में ठहराया और अगले दिन सुबह ही वैकल्पिक फ्लाइट से सभी को वैंकूवर भेज दिया। एयरलाइन ने कहा कि नई फ्लाइट में सभी यात्री साथ गए।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बयान जारी कर घटना को ऑपरेशनल इश्यू बताया। उन्होंने माफी मांगी, 'विमान सुरक्षित उतरा, सभी यात्री और क्रू उतर गए। हमारे मेहमानों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।' एयरलाइन ने जोर दिया कि फैसला स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के मुताबिक लिया गया।
यह घटना अंतरराष्ट्रीय उड्डयन नियमों की जटिलता को उजागर करती है, जहां क्लीयरेंस एयरक्राफ्ट टाइप पर निर्भर होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्री-फ्लाइट चेक में यह गलती न होने पर ऐसी महंगी चूक से बचा जा सकता था। एक बोइंग 777 प्रति घंटा 8-9 टन ईंधन जलाता है, ऐसे में 8 घंटे की अतिरिक्त उड़ान से एयरलाइन को भारी नुकसान हुआ होगा।
Published on:
20 Mar 2026 07:24 pm
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