
विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल। (फोटो- एएनआई)
Indus Water Treaty Suspended : ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के अवसर पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ निर्णायक सैन्य कार्रवाई की है। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद की आतंकवाद विरोधी नीति की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद की कार्रवाई के जवाब में सिंधु जल संधि को स्थगित रखा गया है। ये टिप्पणियां विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कीं।
रणधीर जायसवाल ने पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले को याद किया, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी और इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने पाकिस्तान की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब कैसे दिया। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को पूरी दुनिया ने देखा। हमने सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के लिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है और उसे अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। दुनिया जानती है कि सीमा पार आतंकवाद लंबे समय से पाकिस्तान की राज्य नीति का एक साधन रहा है। भारत में हमें आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।
सिंधु जल संधि के स्थगित होने के मुद्दे पर जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को प्रायोजित करने के जवाब में सिंधु जल संधि स्थगित की गई है। पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से त्यागना होगा। पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया, जो भारत और पाकिस्तान के बीच नदी के पानी के बंटवारे को नियंत्रित करती है और यह द्विपक्षीय जल-बंटवारे की व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। एक साल बीत जाने के बाद भी भारत ने अपने बांधों को बंद रखा हुआ है। सिंधु जल संधि के निलंबन के एक साल बाद भी रामबन जिले में चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध के सभी द्वार बंद हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया को दर्शाता है और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए देश की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। इस ऑपरेशन की एक वर्षगांठ के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने में भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, सटीकता और व्यावसायिकता की प्रशंसा की।
पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इसके बाद 7 मई, 2025 को शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर, एक सुनियोजित और त्रिपक्षीय प्रतिक्रिया का उदाहरण था, जो सटीकता, व्यावसायिकता और उद्देश्य से प्रेरित था। ऑपरेशन सिंदूर को नियंत्रण रेखा के पार और पाकिस्तान के अंदरूनी हिस्सों में आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए एक दंडात्मक और लक्षित अभियान के रूप में तैयार किया गया था।
Updated on:
7 May 2026, 6:39 PM IST
Published on:
7 May 2026, 6:39 PM IST
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