
भारतीय चुनाव आयोग (Photo-IANS)
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों को लेकर एक नया फरमान जारी किया है। चुनाव आयोग ने राजनीतिक पार्टियों से कहा कि वे अपने विज्ञापनों को किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर जारी करने से पहले अपने मीडिया सर्टिफिकेशन विंग - मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) - से वेरिफाई और सर्टिफाई करवाएं।
आयोग का यह निर्देश चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आया है, इसे मतदाताओं को गुमराह करने के लिए 'गलत और AI-जनरेटेड' सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने के एक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
ECI ने एक बयान में कहा,'राजनीतिक पार्टियों/उम्मीदवारों द्वारा किसी भी इंटरनेट-आधारित मीडिया/वेबसाइट, जिसमें सोशल मीडिया वेबसाइटें भी शामिल हैं पर कोई भी राजनीतिक विज्ञापन संबंधित MCMC से पहले से सर्टिफिकेशन लिए बिना जारी नहीं किया जाएगा।'
आयोग के निर्देश के अनुसार, राजनीतिक पार्टियों को अपने विज्ञापनों को MCMC से पहले से सर्टिफाई करवाना होगा। साथ ही, उम्मीदवारों से उनके असली सोशल मीडिया खातों का विवरण साझा करने को भी कहा गया है।
चुनाव आयोग ने सभी पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों और चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों से कहा है कि वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (जैसे TV, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर AV डिस्प्ले, ई-पेपर, बल्क SMS/वॉइस मैसेज), जिसमें सोशल मीडिया भी शामिल है, पर सभी राजनीतिक विज्ञापनों के प्रकाशन से पहले उनके पहले से सर्टिफिकेशन के लिए MCMC में आवेदन करें।
इसमें कहा गया, 'किसी राज्य/UT में मुख्यालय वाली सभी पंजीकृत राजनीतिक पार्टियां ऐसे विज्ञापनों के सर्टिफिकेशन के लिए राज्य-स्तरीय MCMC में आवेदन कर सकती हैं। आवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर जमा किए जाने चाहिए।'
जिला/राज्य MCMC के फैसलों के फिलाफ अपील सुनने के लिए राज्य स्तर पर CEO की अध्यक्षता में एक अपीलीय समिति का भी गठन किया गया है। MCMC को 'पेड न्यूज' (पैसे देकर छपवाई गई खबरों) के संदिग्ध मामलों पर कड़ी नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उम्मीदवारों से यह भी अपेक्षा की जाती है कि वे नामांकन दाखिल करते समय अपने हलफनामे में अपने असली सोशल मीडिया खातों का विवरण साझा करें।
ECI के बयान में यह भी कहा गया, 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक पार्टियों को विधानसभा चुनाव पूरे होने के 75 दिनों के भीतर, इंटरनेट - जिसमें सोशल मीडिया वेबसाइटें भी शामिल हैं - के माध्यम से किए गए चुनाव प्रचार पर हुए ख़र्च का विवरण भी ECI को जमा करना चाहिए।'
इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
आपको बता दें कि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के लिए नए सदस्यों को चुनने के लिए चुनाव होने जा रहे हैं, और छह राज्यों में उपचुनाव भी हो रहे हैं। नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
Updated on:
20 Mar 2026 04:51 pm
Published on:
20 Mar 2026 04:51 pm
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