
Arvind Kejriwal E20 Campaign: देश में एक बार फिर फ्यूल पॉलिसी को लेकर बहस तेज हो गई है। नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब E20 पेट्रोल का मुद्दा तूल पकड़ रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह युवाओं की एकजुट आवाज से सरकार को झुकना पड़ा। उसी तरह अब E20 के मुद्दे पर भी लोगों को अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर जनता का समर्थन जुटाने के लिए ‘नेशनल टाउनहॉल’ आयोजित करने की घोषणा की है।
केजरीवाल का दावा है कि E20 नीति को लेकर लोगों के बीच कई सवाल हैं और सरकार को इनका जवाब देना चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि इथेनॉल मिक्स्ड पेट्रोल से देश की तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को फायदा मिलेगा। क्योंकि E20 फ्यूल गन्ने को यूज करके बनाया जाता है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि इस शनिवार यानी कि 1 अगस्त 2026 को E20 मुद्दे पर नेशनल टाउनहॉल आयोजित किया जाएगा। इसमें आम लोग, E20 के एक्सपर्ट और प्रभावित लोग अपनी राय रख सकेंगे। दिल्ली-NCR के लोग कार्यक्रम में सीधे शामिल हो सकते हैं, जबकि देश के अन्य हिस्सों से लोग ऑनलाइन जुड़ पाएंगे।
केजरीवाल ने आगे कहा कि उनकी पार्टी द्वारा शुरू की गई ऑनलाइन याचिका को बड़ी संख्या में (2 लाख) लोगों का समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि वह इस मुद्दे से जुड़े लाखों लोगों के सुझाव प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे।
उन्होंने सरकार से अपील की कि E20 नीति पर जनता की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाए। उनके अनुसार, लोगों को यह जानने का अधिकार है कि इस नीति का वाहनों और आम उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ेगा।
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल और बाकी पेट्रोल होता है। सरकार का कहना है कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी। साथ ही प्रदूषण कम होगा और किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी कई बार इस नीति का समर्थन कर चुके हैं। उनका कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है।
वहीं, विपक्ष और कुछ विशेषज्ञ इस नीति पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पुराने वाहनों में इंजन की समस्या, माइलेज में कमी और खेती में ज्यादा पानी की जरूरत जैसी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।