हैदराबाद में पहली बार AQI 200 के पार पहुंचने के बाद वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई, जिससे स्वास्थ्य जोखिम तेजी से बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार बढ़ता प्रदूषण शहर को दिल्ली जैसी गंभीर स्थिति की ओर धकेल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में स्मॉग की घनी परत पहले ही चिंता बढ़ा रही थी, लेकिन अब हैदराबाद भी खतरनाक स्तर के वायु प्रदूषण की गिरफ्त में आ गया है। इस साल पहली बार शहर का Air Quality Index (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया, जहां कई इलाकों में AQI 200 के पार पहुंच गया। शहर में सुबह-शाम गहरी धुंध की परत छाई रही, जिसने लोगों की सेहत पर सीधा खतरा पैदा कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इतनी उच्च मात्रा में PM2.5 का लगातार संपर्क दिनभर में 8–10 सिगरेट पीने जितना नुकसान कर सकता है जो स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के दर्जनों स्टेशनों पर वायु गुणवत्ता अचानक बिगड़ गई है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में AQI चार दिन में दोगुना होकर 209 पहुंचा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहर में AQI के बढ़ने के पीछे कई कारक जिम्मेदार हैं। जैसे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण स्थलों की धूल, फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों से होने वाला उत्सर्जन, शहर के बाहरी इलाकों में पराली और कचरा जलाना, मौसम में बदलाव, जिसने प्रदूषकों को सतह के पास फंसा दिया।
हैदराबाद को अब तक ‘मध्यम’ प्रदूषण वाले शहरों में माना जाता था, लेकिन अब स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर अभी नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में हैदराबाद में भी दिल्ली जैसी गंभीर स्मॉग वाली स्थिति पैदा हो सकती है। AQI के 200 से ऊपर जाने पर हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आती है, और ऐसी हवा में लगातार सांस लेना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।