बजट के दौरान शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स में 2300 अंकों की गिरावट देख गई है।
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 का बजट पेश कर दिया है। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी घोषणाएं की। मोदी सरकार के इस बार के बजट से शेयर बाजार मायूस दिखा। बजट के दौरान शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है। सेंसेक्स में 2300 अंकों की गिरावट देख गई है। निफ्टी में भी 500 अंकों की गिरावट देखी गई है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 में गिरावट है और सिर्फ 2 में तेजी है। BEL, SBI और NTPC के शेयर औंधे मुंह गिरे हैं। सरकारी बैंक सेक्टर में भी 4 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। मेटल, मीडिया, एफएमसीजी, आईटी, फार्मा सेक्टर में भी गिरावट देखी जा रही है।
आज सुबह सेंसेक्स 100 अंकों की गिरावट के साथ 82,156 के स्तर पर खुला था। निफ्टी भी करीब 50 अंक की गिरावट के साथ 25,275 के स्तर पर ओपन हुआ था। शेयर मार्केट को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण से काफी उम्मीदें थीं। 11 बजे वित्तमंत्री सीतारमण के बजट भाषण की शुरुआत के समय सेंसेक्ट ने 500 अंकों की छलांग लगाई थी, लेकिन उसके बाद से उथल-पुथल का दौर जारी है।
सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) भारत में एक प्रत्यक्ष कर है, जो मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज (जैसे NSE, BSE) पर सूचीबद्ध प्रतिभूतियों (शेयर, डेरिवेटिव्स, इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड यूनिट्स आदि) की खरीद-बिक्री पर लगाया जाता है। यह 1 अक्टूबर 2004 से लागू है और इसका मुख्य उद्देश्य सरकार को राजस्व प्रदान करना, टैक्स चोरी रोकना, बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना तथा लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहन देना है। यह टैक्स आपको तब भी देना पड़ता है जब आपको घाटा हो रहा हो। यह सीधे आपके ट्रांजैक्शन वैल्यू पर कटता है और स्टॉक एक्सचेंज इसे सरकार के पास जमा कर देता है।