
Ahmedabad plane crash: 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआइ-171 के हादसे को एक वर्ष पूरा हो चुका है, लेकिन अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए समय मानो उसी दिन थम गया है। इस हादसे में विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित कुल 260 लोगों की जान गई थी, जिनमें जमीन पर मौजूद 19 लोग भी शामिल थे। लक्ष्मीनगर निवासी सीता पटणी अपने 15 वर्षीय बेटे आकाश को आज भी नहीं भूल पाई हैं।
हादसे में बेटे की मौत के बाद सदमे से उनके ससुर बाबू पटणी का भी निधन हो गया। सीता कहती हैं कि उनकी जिंदगी 12 जून 2025 पर ही थम गई है। ऐसी ही पीड़ा खेड़ा मूल के अहमदाबाद में रहने वाले अनिल पटेल के हिस्से में आई। हादसे में उन्होंने अपने इकलौते बेटे हर्षित पटेल (30) और बहू पूजा पटेल (30) को खो दिया। अपने बेटे से आखिरी बातचीत को याद करते हुए कहते हैं कि उस दिन सिर्फ विमान ही नहीं, मेरी पूरी जिंदगी भी टूट गई।
अमरेली की गीता बेन पडासला की 25 वर्षीय बेटी रिद्धि भी इस हादसे का शिकार हुई। रिद्धि ब्रिटेन में कारोबार शुरू कर अपने माता-पिता और छोटे भाई को वहां बसाने का सपना देख रही थी। बिलखती मां कहती हैं कि मैं आधी मर चुकी हूं और आधी अपने बेटे के लिए जिंदा हूं। मेरी बेटी के सारे सपने उसी के साथ खत्म हो गए।
विमान हादसे ने ब्रिटेन में बसे अनिवासी भारतीय अदनान मास्टर के हंसते-खेलते परिवार की दुनिया उजाड़ दी थी। हादसे के एक साल बाद भी पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि का इंतजार है। अदनान अपने पीछे पत्नी और एक छोटे बेटे को छोड़ गए हैं। परिजनों का कहना है कि अदनान ही पूरे परिवार के एकमात्र मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी अचानक हुई मौत के बाद परिवार के सामने न केवल भावनात्मक संकट खड़ा हो गया है, बल्कि उन्हें गंभीर आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, मुंबई उपनगर, दीपक आनंद ने बताया कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना को लेकर हमारे कार्यालय में नौ मामले आए थे। जिनमें से आठ को मुआवजा मिल चुका है। अदनाम मास्टर के परिजनों जिस पते पर रहते हैं, वह हमारे क्षेत्राधिकार में नहीं है। इसलिए यह मामला अटका हुआ है।