
अहमदाबाद विमान हादसा (Ahmedabad Plane Crash) भारत (India) ही नहीं, दुनियाभर में आज तक हुए सबसे भीषण विमान हादसों में से एक है। पिछले साल 12 जून को एयर इंडिया (Air India) का बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था। हालांकि टेकऑफ के कुछ ही देर बाद विमान हादसे का शिकार हो गया और एयरपोर्ट के पास एक मेडिकल हॉस्टल में जाकर क्रैश हो गया। इस दुर्घटना की वजह से विमान में तो आगे लगी और नष्ट हुआ ही, साथ ही मेडिकल हॉस्टल को भी काफी नुकसान पहुंचा। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी थी और जिस मेडिकल हॉस्टल से विमान की टक्कर हुई थी, उसके 19 लोगों की भी इस हादसे में मौत हो गई। उसके बाद से ही मामले की जांच चल रही है। अब इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बड़ा फरमान सुनाया गया है।
अहमदाबाद विमान हादसे पर सुप्रीम कोर्ट में आज, बुधवार, 11 फरवरी को जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह स्टेटस रिपोर्ट रिकॉर्ड में रखने के लिए मांगी गई है और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 3 हफ्ते का समय दिया है।
अहमदाबाद विमान हादसे के मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच उनमें से एक याचिका जो स्वर्गीय कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता की भी थी पर सुनवाई कर रही थी और इसी दौरान जांच की स्टेटस रिपोर्ट की मांग की है। सुनवाई के दौरान केंद्र और डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ सिविल एविएशन (DGCA) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की जांच अपने आखिरी चरण में है।
केंद्र के दूसरे सबसे बड़े लॉ ऑफ़िसर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जांच की स्टेटस रिपोर्ट जल्द ही तैयार हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के लिए कुछ एयरक्राफ्ट पार्ट्स को स्पेशलाइज़्ड टेस्टिंग के लिए दूसरे देशों में भेजा गया है।
मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि अहमदाबाद विमान हादसे में दूसरे देशों के लोगों की भी मौत हुई थी, इसलिए जांच में इंटरनेशनल प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। ऐसे में जांच की स्टेटस रिपोर्ट में अब तक अपनाए गए प्रोटोकॉल की भी जानकारी दी जाएगी।