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Air India AI-171 Crash Probe: पायलट संगठन ने Boeing 787 के टेक्निकल रिकॉर्ड की व्यापक जांच की मांग की

AI-171 Crash Probe में फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने AAIB से Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम समेत पुराने मेंटेनेंस रिकॉर्ड की व्यापक जांच की मांग की है।
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Sep 19, 2026
air india news
एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171(फोटो-X/@airnewsalerts)

Air India AI-171 Crash: एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच को लेकर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने विमान के तकनीकी रिकॉर्ड की और व्यापक जांच करने की मांग की है। पायलट संगठन ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) से खास तौर पर इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और एवियोनिक्स सिस्टम से जुड़े सभी उपलब्ध सबूतों की गहराई से समीक्षा करने को कहा है। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा एयर इंडिया का Boeing 787-8 विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। AAIB ने जुलाई 2025 में प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की थी और जून 2026 में भी कहा था कि जांच जारी है तथा अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।

FIP ने तकनीकी सबूतों की व्यापक जांच पर दिया जोर


FIP अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने AAIB को भेजे पत्र में कहा है कि हादसे की वजह समझने के लिए उपलब्ध सभी तकनीकी सूचनाओं की समीक्षा जरूरी है। संगठन ने Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी चिंताओं पर पहले मंत्रालय, DGCA और जांच एजेंसी को भेजे गए अपने पत्रों और तकनीकी नोट्स का भी संदर्भ दिया है। FIP के मुताबिक, फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) की ओर से उपलब्ध कराई गई सामग्री की भी विस्तार से जांच होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि इन डाक्यूमेंट्स में विमान के ऑपरेशनल इतिहास, मेंटेनेंस से जुड़े काम, बार-बार सामने आई सिस्टम गड़बड़ियों और फॉल्ट संकेतों से जुड़ी जानकारी है। FIP ने कहा कि AAIB ने UK AAIB के एक विशेषज्ञ के जरिए मिली इस जानकारी को प्राप्त करने और उसकी समीक्षा करने की बात स्वीकार की है।

Boeing 787 के इलेक्ट्रिकल सिस्टम पर भी नजर


पायलट संगठन ने Boeing 787 के 'More Electric Aircraft' आर्किटेक्चर का जिक्र करते हुए कहा कि इस विमान में इलेक्ट्रिकल पावर का उत्पादन, वितरण, निगरानी और डेटा नेटवर्क सुरक्षित संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं। FIP के अनुसार, बार-बार सामने आने वाली तकनीकी खराबियां, बीच-बीच में होने वाली सिस्टम विफलता, पावर में रुकावट, सॉफ्टवेयर रीसेट, सेंसर से जुड़े अंतर और मेंटेनेंस के दौरान दर्ज की गई समस्याएं हादसे की वजह समझने में अहम हो सकती हैं। हालांकि, इन बिंदुओं को FIP ने जांच के लिए संभावित तकनीकी सुराग के तौर पर उठाया है। AAIB की ओर से इन्हें AI-171 हादसे का कारण घोषित नहीं किया गया है। AAIB ने पहले भी स्पष्ट किया है कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।

पुराने मेंटेनेंस रिकॉर्ड की भी हो जांच


FIP ने विमान की पूरी सर्विस लाइफ के दौरान उपलब्ध मेंटेनेंस और विश्वसनीयता से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा की मांग की है। इनमें तकनीकी लॉग, लंबित खराबियां, बार-बार सामने आई फॉल्ट रिपोर्ट, ट्रबलशूटिंग रिकॉर्ड, बदले गए कंपोनेंट, विश्वसनीयता निगरानी से जुड़े आंकड़े और इंजीनियरिंग स्तर पर किए गए सुधार शामिल हैं। पायलट संगठन का कहना है कि अलग-अलग रिकॉर्ड को एक साथ देखने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि विमान में पहले से किसी तरह की तकनीकी समस्या बार-बार सामने आ रही थी या नहीं।

Updated on:
19 Sept 2026 09:15 pm
Published on:
19 Sept 2026 08:38 pm