AI Impact Summit 2026: एआइ इंपैक्ट समिट के समापन पर पत्रकार वार्ता में वैष्णव ने कहा कि अंतिम घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों और संगठनों की संख्या 70 से अधिक हो चुकी है और समापन तक इसके 80 से पार जाने की उम्मीद है।
AI Impact Summit 2026: इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट 2026 में भारत के ‘ह्यूमन-फस्र्ट एआइ विजन’ को वैश्विक स्तर पर मजबूत समर्थन मिला। केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआइ बुनियादी ढांचे में निवेश प्रतिबद्धताएं 250 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं, जबकि डीप-टेक वेंचर कैपिटल फंडिंग 20 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है। यह भारत के एआइ नेतृत्व में बढ़ते वैश्विक विश्वास का संकेत है।
समिट के समापन पर पत्रकार वार्ता में वैष्णव ने कहा कि अंतिम घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने वाले देशों और संगठनों की संख्या 70 से अधिक हो चुकी है और समापन तक इसके 80 से पार जाने की उम्मीद है। यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक एआइ विमर्श में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति से बढ़े वैश्विक भरोसे के चलते पहली बार सभी प्रमुख एआइ कंपनियां एक मंच पर आईं और स्वैच्छिक सुरक्षा उपायों पर सहमति बनी। संवाद के माध्यम से हासिल की गई यह अभूतपूर्व उपलब्धि है। भारत ने उद्योग को जिम्मेदार एआइ ढांचे के प्रति प्रतिबद्ध करने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है।
समिट में पांच लाख से अधिक आगंतुक शामिल हुए, जिनमें वैश्विक एआइ कंपनियां और स्टार्टअप्स प्रमुख रहे। मंत्रिस्तरीय संवादों और पूर्ण सत्रों में हुई चर्चाओं की गुणवत्ता की व्यापक सराहना की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार युवा पीढ़ी के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश में नए एआइ-संबंधित प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी और आने वाले दिनों में एक वैश्विक स्तर की बड़ी तकनीकी पहल शुरू की जाएगी।
केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बार फिर राजस्थान पत्रिका की साख-विश्वसनीयता पर मुहर लगाई। समिट के समापन पर पत्रकार वार्ता में जब पत्रिका संवाददाता ने अंग्रेजी में उनसे सवाल पूछना चाहा तो वैष्णव मुस्कुराते हुए बोले, ‘पत्रिका से हिंदी में सवाल पूछना चाहिए। मुझे भी हिंदी में जवाब देने का मौका मिलना चाहिए। बचपन से पत्रिका पढ़ता हूं।’
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भविष्य की तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को एआइ और डीपटेक स्टार्टअप के 16 सीईओ संस्थापकों के साथ गोलमेच चर्चा की। पीएम मोदी ने स्टार्टअप लीडर्स को भरोसा दिलाया कि सरकार डीपटेक क्षेत्र में नीतिगत बाधाओं को दूर करने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, भारत केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रदाता बनना चाहता है। उन्होंने खासकर चार प्रमुख क्षेत्रों कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण में एआइ के सदुपयोग के लिए स्टार्टअप्स से क्रांतिकारी समाधान और सहयोग मांगा। उन्होंने ‘एआइ फॉर ऑल’ के अपने विजन को दोहराते हुए कहा, तकनीक ऐसी होनी चाहिए, जो भाषा की बाधाओं को तोड़े और ग्रामीण भारत के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।