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ईरान-US जंग की आहट! भारतीय दूतावास ने जारी किया बयान, कहा- सभी भारतीयों को…

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर भारत की विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। MEA प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा, 'हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और ईरान में रहने वाले भारतीय समुदाय से लगातार संपर्क में हैं।'

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भारत

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Devika Chatraj

Feb 20, 2026

Randhir Jaiswal

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत स्थिति पर बारीक नजर रख रहा है और तेहरान स्थित भारतीय दूतावास वहां के समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है। सरकार ने पहले ही एक यात्रा परामर्श (Advisory) जारी कर भारतीयों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने और वहां रह रहे लोगों को उपलब्ध साधनों से स्वदेश लौटने पर विचार करने की सलाह दी है।

ईरान-अमेरिका संकट

2026 में ईरान-अमेरिका संकट नए सिरे से भड़क उठा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास पर सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान समझौते पर सहमत नहीं होता, तो 10-15 दिनों में फैसला लिया जाएगा। अमेरिका ने पर्सियन गल्फ में विमानवाहक पोतों की तैनाती बढ़ा दी है, जबकि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक अभ्यास कर हिस्सा बंद कर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार का 20% हिस्सा संभालता है, इसलिए संकट से वैश्विक शिपिंग प्रभावित हो सकती है।

अमेरिका की रणनीति

ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए और सैन्य अभ्यास बढ़ाए हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान के परमाणु विकास से क्षेत्रीय दुश्मनों को कमजोर करने का प्रयास है। वार्ता जारी है, लेकिन असफलता पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र ने मिलिट्री बिल्डअप पर चिंता जताई और दोनों पक्षों से बातचीत जारी रखने की अपील की है।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि सुप्रीम लीडर पर हमला पूर्ण युद्ध का मतलब होगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी आक्रामकता पर 'व्यापक और पछतावा पैदा करने वाला' जवाब दिया जाएगा। ईरान ने घरेलू विरोध प्रदर्शनों पर भी सख्ती बरती है।

भारत की भूमिका

भारत ने तटस्थ रुख अपनाया है। MEA के अनुसार, ईरान में करीब 8,000 भारतीय रहते हैं, जिनकी सुरक्षा प्राथमिकता है। भारत ऊर्जा आयात के लिए ईरान पर निर्भर है, इसलिए संकट से तेल कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है, लेकिन फिलहाल निगरानी पर जोर है।