राष्ट्रीय

Air Pollution Index: देश के 23 शहरों की हवा ‘खराब’, हरियाणा का मानेसर सबसे प्रदूषित, देखें लिस्ट

Daily AQI Bulletin Update: देश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार 23 शहरों में हवा 'खराब' श्रेणी में है।
2 min read
• •
Updated: 23 Oct 2026, 6:27 PM IST
daily aqi bulletin update
Air pollution/ फाइल फोटो (फोटो-IANS)

Air Quality Index:देश के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में देश के अलग-अलग शहरों में हवा की गुणवत्ता (Air Quality) के स्तर में गिरावट देखने को मिलती है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के शुक्रवार शाम 4 बजे के बुलेटिन के मुताबिक, देश के 252 शहरों में से 23 शहरों की हवा 'खराब' श्रेणी के अंतर्गत दर्ज की गई है। वहीं,124 शहरों में हवा की गुणवत्ता अच्छी या संतोषजनक रही।

हरियाणा का मानेसर सबसे ज्यादा प्रदूषित

शुक्रवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक 23 शहरों में से सबसे ज्यादा हरियाणा का मानेसर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इसका AQI
289 पहुंच गया। इसके बाद ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) और सिंगरौली (मध्य प्रदेश) दोनों में AQI 284 दर्ज हुआ। वहीं, देश की राजधानी दिल्ली में AQI 230 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।

जानिए कितना खतरनाक है AQI का कौन सा लेवल?

एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के आधार पर हवा की गुणवत्ता को आसानी से पहचाना जा सकता है। इसके अलावा इसकी मदद से हवा का स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की जानकारी भी मिलती है। सबसे अच्छी हवा के लिए 0 से 50 तक का AQI निर्धारित किया जाता है। इससे पता चलता है कि इस हवा का स्वास्थ्य पर कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पडेगा।

Source- Central Pollution Control Board

इससे अलावा इन AQI श्रेणियों को के आधार पर हवा की गुणवत्ता के बारे में बताया जाता है-

  • 51-100 (संतोषजनक): संवेदनशील लोगों को सांस लेने में हल्की परेशानी।
  • 101-200 (मध्यम): फेफड़े, अस्थमा और दिल के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत।
  • 201-300 (खराब): लंबे समय तक संपर्क में रहने पर ज्यादातर लोगों को सांस की समस्या।
  • 301-400 (बहुत खराब): लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
  • 401-500 (गंभीर): स्वस्थ लोगों पर बुरा असर और गंभीर मरीजों के लिए बेहद खतरनाक।

वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट

सर्दियों के मौसम में अक्सर हवा की गुणवत्ता बिगड़ जाती है और देश के बहुत से शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या सामने आने लगती है। इसके साथ ही इस दौरान दशहरा और दीपावली जैसे पर्व पर होने वाला अतिरिक्त प्रदूषण हवा की गुणवत्ता को और बिगाड़ देता है। ऐसे में बढ़ते प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वह दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर पूरी तरह से बैन नहीं लगाएगा। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। जबकि दिनभर पटाखे चलाने से बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा।

Updated on:
23 Oct 2026, 6:27 PM IST
Published on:
Also Read
View All
​​​​​PM मोदी को जन्मदिन की बधाई देने पर नाती का सुशील कुमार शिंदे ने किया बचाव, बोले- बैनर लगाने से क्या बिगड़ गया?

गुजरात में फर्जी डॉक्टरों पर बड़ा एक्शन, 10वीं-12वीं पास लोग चला रहे थे अवैध क्लिनिक, 17 गिरफ्तार

Maharashtra News: प्रेमी की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई प्रेमिका, हॉस्टल में थम गईं सांसें, हादसे में 4 दोस्तों की हुई थी मौत

अभिजीत दीपके ने चीन और ट्रंप के मुद्दे पर पीएम मोदी को घेरा, सुरक्षा बलों की तैनाती पर भी उठाए सवाल

अमित शाह के बयान पर वेणुगोपाल का पलटवार: ‘बेबुनियाद दावों में जी रही BJP, क्या चुनाव आयोग के दम पर जीतने का घमंड है?’