Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar Plane Crash Death: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन (Ajit Pawar death) से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की […]
Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar Plane Crash Death: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में हुए दुखद निधन (Ajit Pawar death) से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना पर शोक संवेदनाओं के बीच अब सियासी बयानबाजी और जांच की मांग भी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर बड़ा हमला बोला है।
अजित पवार के निधन पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी (Supreme Court-monitored probe) में होनी चाहिए। ममता बनर्जी ने साफ तौर पर कहा, "हमें किसी भी केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा नहीं है। एक सिटिंग डिप्टी सीएम का विमान इस तरह क्रैश हो जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सच सामने आना चाहिए।" उन्होंने कहा, अजीत पवार महायुति गठबंधन (NDA) में खुश नहीं थे,भाजपा छोड़ने वाले थे और बहुत जल्द एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे।
ममता बनर्जी ने हुगली के सिंगूर में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा, "मुझे जानकारी मिली थी कि अजित पवार भाजपानीत एनडीए गठबंधन से दूरी बना रहे थे। वे विपक्षी गठबंधन 'INDIA' ब्लॉक में वापस लौटने की योजना बना रहे थे।" ममता ने संकेत दिया कि वे अपने चाचा शरद पवार के साथ फिर से हाथ मिलाने और महाराष्ट्र में एक नई राजनीतिक पारी शुरू करने के लिए बातचीत कर रहे थे।
ममता बनर्जी ने भारत के राजनीतिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि पहले भी कई बड़े नेताओं को हमने विमान हादसों में खोया है। उन्होंने अजित पवार के विमान के रखरखाव और तकनीकी पहलुओं पर संदेह जताते हुए पूछा कि क्या सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था? बारामती जैसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में लैंडिंग के वक्त ऐसा हादसा होना संदेहास्पद है।
अजित पवार के निधन के बाद विपक्ष के कई नेताओं ने ममता बनर्जी की इस मांग का समर्थन किया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से ठीक पहले एक इतने बड़े कद के नेता का चले जाना सत्ता के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। ममता बनर्जी की इस मांग ने अब इस हादसे को एक नए 'कानूनी और राजनीतिक' मोड़ पर खड़ा कर दिया है।
ममता बनर्जी: "अजित पवार एक कद्दावर नेता थे। उनकी मौत की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, जो केवल सुप्रीम कोर्ट ही सुनिश्चित कर सकता है।"
संजय राउत: "महाराष्ट्र ने अपना एक मजबूत बेटा खो दिया है। ममता जी की शंकाओं पर सरकार को जवाब देना चाहिए।"
बीजेपी का रुख: सरकार की ओर से फिलहाल डीजीसीए जांच की बात कही गई है और विपक्ष के आरोपों को 'दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति' बताया गया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हादसे की जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित की है। 'ब्लैक बॉक्स' की रिपोर्ट आने के बाद ही तकनीकी खराबी या मानवीय भूल का पता चल पाएगा। वहीं, ममता बनर्जी के बयान के बाद महाराष्ट्र सरकार पर जांच को लेकर दबाव बढ़ गया है।
बारामती एयरपोर्ट का रनवे सुरक्षित माना जाता है। हादसे के वक्त मौसम भी बहुत खराब नहीं था। ऐसे में 'Learjet 45' जैसे भरोसेमंद विमान का क्रैश होना विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहा है। क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है या सिर्फ एक इत्तफाक?