
Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हादसे के बाद जांच शुरू हो गई है और इसने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने दिल्ली की निजी चार्टर कंपनी की जांच शुरू कर दी है, जो हादसे का शिकार हुए लीयरजेट विमान का संचालन कर रही थी। जब दुर्घटना की जांच शुरू हुई तो शुरुआती जांच में कंपनी के ऑफिस से कर्मचारी गायब मिले। साथ ही, कुछ कमरे बंद मिले और कई चीजें संदिग्ध पाई गईं। शुरुआती जांच में पाई गई गड़बड़ियों से जांचकर्ताओं का शक और गहरा हो गया है।
हादसे के कुछ ही घंटों बाद AAIB की टीम दिल्ली के महिपालपुर स्थित वीएसआर एविएशन के ऑफिस पर पहुंची। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ऑफिस से कई लोग अचानक गायब हो गए थे, जो पहले मौजूद थे।
जांचकर्ताओं को मौके पर सिर्फ एक गेटकीपर मिला, जिससे अधिकारियों ने पूछताछ की। जांच के दौरान, गेटकीपर से उसका आधार कार्ड मांगा गया और उससे जांच में सहयोग करने की अपील की गई।
हालांकि, गेटकीपर ने किसी भी प्रकार की जानकारी होने से मना कर दिया और कहा कि उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है।
जांच के दौरान अधिकारियों को ऑफिस में एक तहखाना मिला। इसके बारे में जांचकर्ताओं का मानना था कि यह ऑफिस से जुड़ा है और इससे कुछ सबूत मिल सकते हैं। हालांकि, जब दरवाजा अंदर से बंद मिला तो जांचकर्ताओं को शक हुआ कि अगर अंदर कोई नहीं था, तो दरवाजा बंद कैसे हुआ।
AAIB की टीम काफी देर तक मौके पर इंतजार करती रही। बाद में कंपनी से जुड़ा एक व्यक्ति वहां पहुंचा और दरवाजा खोला।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, लीयरजेट विमान ने मुंबई से उड़ान भरने के बाद करीब 35 मिनट तक उड़ान भरी थी। इसके बाद जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तो अचानक विमान रडार से गायब हो गया और विमान दुर्घटना का शिकार हुआ।
इसमें सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई। यह विमान वीएसआर एविएशन कंपनी से जुड़ा हुआ था, जो कुल 18 विमानों का संचालन करती है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए AAIB की टीम अब ऑपरेशनल प्रक्रियाओं की गहराई से जांच कर रही है।