
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार की आर्थिक नीतियों में महिलाओं का सशक्तिकरण प्रमुख रहा। उनकी सबसे चर्चित पहल मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना (Ladki Bahin Yojana) ने करोड़ों महिलाओं की जिंदगी बदली। 2024 में शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं (21-65 वर्ष, वार्षिक आय 2.5 लाख से कम) को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना ने महायुति गठबंधन की चुनावी जीत में बड़ा योगदान दिया।
2025-26 के बजट में अजित पवार ने लाडकी बहिन योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इससे लगभग 2.43 से 2.53 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। जुलाई 2024 से अब तक योजना पर 33,232 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। यह सीधी नकद हस्तांतरण योजना घरेलू खर्चों में सहारा देती है, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाती है और राज्य की अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देती है। महिलाएं इसे "आशीर्वाद" बताती हैं, क्योंकि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतें पूरी होती हैं।
अजित पवार ने महिलाओं के लिए कई अन्य योजनाएं भी चलाईं। बजट में महिलाओं, छात्राओं और कमजोर वर्गों के लिए वित्तीय सहायता पर जोर दिया। उन्होंने AI प्रशिक्षण के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ करार की घोषणा की, जिससे हजारों महिलाओं को डिजिटल स्किल्स मिलेंगी। लेख लाडकी योजना जैसी स्कीम्स से लड़कियों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हुआ। उनकी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया, जिससे परिवार और समाज में उनकी भूमिका बढ़ी।
लाडकी बहिन योजना ने महिलाओं के वोट बैंक को मजबूत किया और राज्य की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर डाला। अजित पवार की मौत के बाद यह योजना उनकी विरासत का प्रतीक बनी है। विपक्ष ने इसे राजनीतिक लाभ का हथियार बताया, लेकिन लाभार्थी महिलाएं इसे "जीवन रक्षक" मानती हैं। अजित दादा के फैसलों ने करोड़ों महिलाओं को आर्थिक आजादी दी और महाराष्ट्र की सामाजिक संरचना को मजबूत किया। उनकी दूरदर्शिता याद रहेगी।