अल-फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने अरेस्ट कर लिया है। यह गिरफ्तारी क्यों हुई? आइए जानते हैं।
Al-Falah University Chairman Arrested: अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने सबका ध्यान खींच लिया है। यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है।
एजेंसी ने शुक्रवार को एक ऑफिशियल बयान में कहा कि यह गिरफ्तारी 24 मार्च को ED के दिल्ली जोनल ऑफिस ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रोविजन्स के तहत की। यह एक्शन अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट, अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उनसे जुड़ी एंटिटीज़ से जुड़े क्राइम से कमाए गए पैसे (PoC) के कथित जेनरेशन और लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच के बाद किया गया है।
बता दें अल-फलाह ग्रुप 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से जुड़ी जांच में जांच के दायरे में है।
ED के मुताबिक, उसने पहले इस केस में 17 जनवरी को सिद्दीकी के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) फाइल की थी। अब तक की जांच में जमीन के धोखे से अधिग्रहण के लिए जाली और बनावटी डॉक्यूमेंट्स के इस्तेमाल का पता चला है।
ED ने आगे ये भी कहा कि सिद्दीकी ने कुछ लोगों के साथ मिलकर साउथ-ईस्ट दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में मौजूद खसरा नंबर 792 की जमीन को गलत तरीके से हासिल करने के लिए नकली कागज तैयार किए और उनका इस्तेमाल किया। इस जमीन का आकार करीब 1.146 एकड़ है और इसकी मौजूदा कीमत लगभग 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ED के मुताबिक, कागजों में जमीन की कीमत सिर्फ 75 लाख रुपये दिखाई गई, लेकिन असल में इससे कहीं ज्यादा पैसे का लेन-देन हुआ होने का शक है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पूरा पैसा कहां से आया और कहां गया और इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही, अवैध कमाई से खरीदी गई दूसरी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
सिद्दीकी को 25 मार्च को साकेत की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से कोर्ट ने उसे आगे पूछताछ के लिए 4 अप्रैल तक ED की हिरासत में भेज दिया।