
Ambala Borewell Incident: हरियाणा के अंबाला जिले के धनौरा गांव में खुले बोरवेल में गिरे चार वर्षीय बच्चे को करीब 18 से 19 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया। बच्चे को निकालने के बाद बोरवेल को सील कर दिया गया। हालांकि, एनडीआरएफ ने बताया कि बच्चे में जिंदा होने के कोई संकेत दिखाई नहीं दिए हैं। उसकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब छह बजे हुआ। सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम सुबह करीब 10:30 बजे मौके पर पहुंची और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि बच्चा जिस बोरवेल में फंसा था, उसमें पानी भरा हुआ था। समय के साथ बच्चा धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसक रहा था, जबकि बोरवेल के भीतर पानी का स्तर भी लगातार बढ़ रहा था। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया।
अनिल कुमार के अनुसार, बचाव अभियान के दौरान कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य चुनौतियां सामने आईं। इन्हीं कारणों से रेस्क्यू ऑपरेशन को कई बार रोककर दोबारा शुरू करना पड़ा। इन मुश्किलों के बीच अभियान लगातार 18 से 19 घंटे तक चलता रहा और आखिरकार बच्चे को बाहर निकाल लिया गया।
एनडीआरएफ अधिकारी ने कहा कि बचाव दल को बच्चे में जिंदा होने के कोई संकेत दिखाई नहीं दिए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चे की स्थिति और मृत्यु अथवा अन्य चिकित्सीय स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जिला प्रशासन और डॉक्टरों की जांच के बाद ही की जाएगी। बच्चे को बाहर निकालने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संबंधित बोरवेल को भी सील कर दिया है।
बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव दल हुक, रस्सी और एल्युमीनियम पाइप की मदद से लगातार प्रयास कर रहे थे। लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। रात के समय भी रेस्क्यू अभियान बिना रुके जारी रहा, इसके लिए हाई-पावर नाइट लाइट्स की व्यवस्था की गई थी। रेस्क्यू टीम के अनुसार, बोरवेल में लगभग 60 फीट की गहराई से लगातार पानी का रिसाव हो रहा था, जिससे नीचे काफी मात्रा में पानी भर गया था। कैमरों से की जा रही निगरानी में बच्चे के शरीर में किसी तरह की हलचल दिखाई नहीं दे रही थी। एनडीआरएफ अधिकारियों ने बच्चे के सुरक्षित बचने की संभावना बेहद कम बताई है।