2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोहर्रम जुलूस में कथित जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश, आरोपी बोला- 2015 के चुनाव के बाद समुदाय से बढ़ी नाराजगी

Faiyaz Premji: दक्षिण मुंबई के मोहर्रम जुलूस में कथित तौर पर 30 हजार जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश के आरोपी फैयाज प्रेमजी ने पूछताछ में 2015 के जमात चुनाव के बाद समुदाय से नाराजगी की बात कही। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी छह दिन की पुलिस हिरासत में है।
2 min read
Google source verification
Faiyaz Premji

जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश(फोटो-X/@idrwalerts)

Moharram Procession Mumbai: दक्षिण मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान करीब 30 हजार कथित जहरीले कैप्सूल बांटने की साजिश के मामले में गिरफ्तार पुणे निवासी फैयाज प्रेमजी (39) से पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दावा किया है कि वर्ष 2015 में जमात (सामुदायिक) चुनाव में हार के बाद उसके मन में खोजा शिया समुदाय और धार्मिक व्यवस्था के प्रति गहरी नाराजगी पैदा हो गई थी, जो समय के साथ बढ़ती चली गई। पुलिस के मुताबिक, फैयाज प्रेमजी का कहना है कि चुनाव में हार के बाद उसे लगा कि उसके 'सुधारवादी विचारों' को समुदाय का समर्थन नहीं मिला। इसी घटना के बाद उसका धार्मिक व्यवस्था से मोहभंग होने लगा और वह धीरे-धीरे धर्म से दूर हो गया।

जानें डिटेल्स


जांच के दौरान सामने आया कि प्रेमजी पहले भी सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वर्ष 2015-16 के दौरान वह मुंबई के एक छोटे सुधारवादी खोजा शिया समूह से जुड़ा था। यह समूह इस्लाम की उदार व्याख्या का समर्थन करता था और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं का विरोध करता था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में यह भी दावा किया कि धार्मिक नेताओं की आलोचना करने के कारण उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गईं। उसने पुणे स्थित अपने व्यावसायिक परिसर में हुई तोड़फोड़, सामाजिक बहिष्कार और अपने तथा अपने भाई के वैवाहिक जीवन के टूटने के लिए भी समुदाय को जिम्मेदार ठहराया। जांच अधिकारियों का कहना है कि वर्षों से पनप रही यही नाराजगी कथित तौर पर इस साजिश की वजह बनी।

स्वयंसेवकों की सतर्कता से सामने आया मामला

पुलिस के अनुसार, मोहर्रम जुलूस के दौरान फैयाज प्रेमजी कथित तौर पर दर्द निवारक दवा बताकर लोगों को कैप्सूल बांट रहा था। इस दौरान वहां मौजूद स्वयंसेवकों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं और उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। जांच के दौरान मामला तब और गंभीर हो गया, जब एक व्यक्ति ने कथित रूप से वह कैप्सूल खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल का रुख किया। इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू की। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऐसे प्रभावित लोगों की संख्या अधिक हो सकती है।

इस मामले में अदालत पहले ही फैयाज प्रेमजी को छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज चुकी है। वहीं, पुणे खोजा शिया इथना-अशरी जमात ने भी आरोपी को संगठन से निष्कासित कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और कथित साजिश के सभी पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।