
चंपत राय(फोटो-ANI)
Ram Mandir Donation Case: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में तीन घंटे लंबी पूछताछ में मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पूरी गड़बड़ी में खुद के शामिल होने से साफ इनकार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में चंपत ने कहा कि मेरी चढ़ावा चोरी में कोई भूमिका नहीं है बल्कि भनक लगने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी और गड़बड़ी करने वालों को पकड़वाया। उसके बाद ही एसआइटी बनी और एफआइआर भी करवाई गई। पूछताछ में चंपत राय ने स्वीकार किया कि ट्रस्ट स्तर पर आंतरिक जांच करने के फेर में शुरुआत में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराना उनकी भूल थी। पुलिस टीम ने चंपत राय से मंदिर की व्यवस्थाओं व चढ़ावे की गिनती, निगरानी व बैंक में जमा की प्रक्रिया से लेकर कर्मचाारियों की नियुक्ति के बारे में पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार चंपत राय ने पूछताछ में कहा कि रामशंकर उर्फ टिन्नू बहुत पहले से जुड़ा था। उसने गलत किया जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को काम पर रखने का निर्णय ट्रस्ट के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लिया गया था। इसके लिए उन्होंने ट्रस्ट के सदस्य डॉ.अनिल मिश्र और निर्माण कार्य सहायक गोपाल राव का भी जिक्र किया। चंपत राय पुलिस के कुछ सवालों का जवाब नहीं दे पाए। जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि चंपत राय द्वारा दिए गए बयानों का मिलान अब केस से जुड़े अन्य गवाहों के बयानों, वित्तीय दस्तावेजों और अब तक की तफ्तीश में सामने आए सबूतों से किया जाएगा।
इस मामले में गठित एसआइटी गिरफ्तार आठ अभियुक्तों की आर्थिक गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। उनसे पिछले तीन साल में अर्जित चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा और आय के स्रोत की जानकारी मांगी गई है। उधर 17 साल से श्रीराम जन्मभूमि में तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव को राम मंदिर से हटा दिया गया है। उनके पास राम मंदिर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी थी। बताया जाता है कि चढ़ावे में चोरी की जांच में सामने आया कि सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था माकूल नहीं थी।
चढ़ावा प्रकरण सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने चंपत राय से दूरी बना ली है और मामले की व्यापक जांच की मांग की है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा कि राम मंदिर के निर्माण के बाद ट्रस्ट द्वारा लिए गए फैसलों की जिम्मेदारी हमारी नहीं है। राम जन्मभूमि आंदोलन का उद्देश्य पूरा होने के साथ ही संगठन की भूमिका समाप्त हो गई थी। आलोक कुमार ने कहा कि मैं चंपत राय से नहीं बल्कि ट्रस्ट के महासचिव के रूप में उनके द्वारा लिए गए फैसलों से खुद को अलग कर रहा हूं।
Published on:
01 Jul 2026 03:41 am
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