
Parliament Monsoon Session 2026: संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखकर छात्र आंदोलन पर सदन में चर्चा की मांग की। वहीं, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा करने की बजाय सदन से भागने का बड़ा आरोप लगाया है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, मैं बहुत निराश और पूरी तरह हताश हूं। मैंने अपनी जिंदगी में पहली बार ऐसी स्थिति देखी है, जहां सरकार संसद में चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष उससे भाग रहा है। इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है, क्योंकि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष चर्चा की मांग करता है और सरकार जवाब देती है। यहां सरकार खुद कह रही है कि वह चर्चा के लिए तैयार है और जवाब देगी, लेकिन विपक्ष जवाब सुनना ही नहीं चाहता और सदन से बाहर जा रहा है।
क्या आप ऐसी स्थिति की कल्पना कर सकते हैं? यह लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। सरकार की तरह विपक्ष की भी जिम्मेदारी होती है। जब छात्रों ने NEET परीक्षा को लेकर विरोध किया और कई घटनाएं हुईं, तो विपक्ष ने चर्चा की मांग की और गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। हमने बार-बार कहा है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन वे इसके लिए सहमत नहीं हो रहे हैं। नतीजतन, गृह मंत्री को पत्र लिखना पड़ा। मैं आपको जो पत्र दिखा रहा हूं, वह उस पत्र की कॉपी है, जो गृह मंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखा था। इसमें एक बार फिर कहा गया है कि हम इस मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं।
संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी है। शाह ने छात्र आंदोलन पर सदन में चर्चा की मांग की। शाह ने चिट्ठी में लिखा, "आप विपक्ष से चर्चा कर, आपसी सहमति से आज से जितने समय, जितने घंटे आप उचित समझें, उतना समय आवंटित करने की कृपा करें। मैं निर्धारित समय के दौरान सदन में उपस्थित रहकर इस मुद्दे पर चर्चा में भाग लेना चाहता हूं और विपक्ष के सभी प्रश्नों का उत्तर देने के लिए तैयार हूं।"