
Amit Shah Terrorism Policy: आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति में आए बदलाव को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। शाह का कहना है कि अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में भारत केवल कूटनीतिक विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जरूरत पड़ने पर ठोस कार्रवाई भी करता है। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर को इसी नीति के प्रमुख उदाहरणों के तौर पर सामने रखा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की आतंकवाद के खिलाफ नीति को लेकर बड़ा दावा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पहली बार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू किया गया है।
शाह ने अपने बयान में कई बड़े सुरक्षा फैसलों का उल्लेख किया। इनमें जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और हालिया ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं। गृह मंत्री के मुताबिक, इन कदमों ने भारत की सुरक्षा नीति के रुख को स्पष्ट किया है। उनके अनुसार, देश अब आतंकवादी घटनाओं या सुरक्षा चुनौतियों पर केवल प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बजाय कार्रवाई करने की नीति पर आगे बढ़ा है।
गृह मंत्री ने आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को निर्णायक सफलता मिली है। इसके अलावा पूर्वोत्तर में लंबे समय से चले आ रहे विवादों को शांति समझौतों के जरिए सुलझाने की दिशा में प्रगति हुई है। शाह ने देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास के बीच सीधा संबंध बताते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल के बिना समृद्ध भारत की कल्पना मुश्किल है। यह बयान ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और सीमा प्रबंधन को अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं में प्रमुखता देती रही है।
इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) प्रमुख एच.डी. देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने ‘X’ पर बताया कि प्रधानमंत्री को शुभकामनाओं वाला पत्र भी भेजा है। अपने संदेश में देवगौड़ा ने मोदी के लंबे जीवन, अच्छे स्वास्थ्य और देश की सेवा के लिए निरंतर शक्ति की कामना की।
17 सितंबर को एक और महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवसर के रूप में हैदराबाद मुक्ति दिवस भी मनाया गया। अमित शाह ने कर्नाटक के लोगों को इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने तत्कालीन निजाम और रजाकारों के शासन के खिलाफ संघर्ष किया था।
हैदराबाद रियासत का भारतीय संघ में विलय सितंबर 1948 में हुआ था। इस घटनाक्रम से जुड़ा सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन पोलो’ था, जिसका नेतृत्व तत्कालीन उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने किया था। उस समय हैदराबाद रियासत में आज के तेलंगाना के अलावा कर्नाटक का कल्याण-कर्नाटक क्षेत्र और महाराष्ट्र का मराठवाड़ा भी शामिल था।
तेलंगाना सरकार इस दिन को तेलंगाना प्रजा पालन दिवस के रूप में मनाती है। इस तरह 17 सितंबर राष्ट्रीय सुरक्षा, राजनीतिक संदेशों और हैदराबाद के भारतीय संघ में एकीकरण की ऐतिहासिक स्मृति तीनों कारणों से महत्वपूर्ण रहा।