असीम मंडल मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के उत्तर फुलचुक गांव का रहने वाला है। वह पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करता था। संगठन में उसे आकाश, तिमिर, मनोज, दीपक और राकेश जैसे छद्म नामों से सुरक्षा एजेंसियों को गच्चा देता आ रहा था। सुरक्षा बलों के रिकॉर्ड के अनुसार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में उसके खिलाफ हत्या, हमले और ब्लास्ट जैसे 55 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं।