
देश में अगले एक वर्ष में तीनों नई न्याय संहिताओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाएगा। साथ ही तीन साल में आपराधिक मामलों के निपटारे में तेजी और दोष सिद्धि दर में 25 प्रतिशत वृद्धि की जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन (National Security Strategy Conference) के समापन सत्र में देश की पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह लक्ष्य तय किया। शाह ने सुरक्षा एजेंसियों और राज्यों की पुलिस को मजबूत आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए और अगले 15-20 वर्षों के संभावित खतरों पर नजर रखने की नसीहत दी।
शाह ने कहा कि चुनौती के बड़ा संकट बनने का इंतजार करने के बजाय उसे पहले पहचानकर खत्म करने की रणनीति बनानी होगी। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा संसाधनों की असुरक्षा, सप्लाई चेन में बाधा, कट्टरपंथ और साइबर-मिसइन्फॉर्मेशन को भी भविष्य की सुरक्षा नीति में शामिल करने पर जोर दिया।
गृह मंत्री ने देश को जल्द घुसपैठिया मुक्त बनाने की बात भी कही। उन्होंने देश में अवैध घुसपैठ के खिलाफ कड़ा संदेश देते हुए इस समस्या के खिलाफ लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा, "भारत कोई धर्मशाला नहीं है। मोदी सरकार देश को बहुत कम समय में घुसपैठियों से मुक्त कर देगी। पिछले आठ महीनों में सभी सीमावर्ती राज्यों का दौरा करके हमने राज्यों के साथ चतुर्भुज सीमा सुरक्षा दृष्टिकोण का एक दस्तावेज साझा किया है। इस देश में रहने का अधिकार सिर्फ देश के नागरिकों को ही है। घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकीय बदलाव के लिए खतरा हैं। हमारा लक्ष्य देश को बहुत कम समय में घुसपैठियों से मुक्त करना है।"
शाह ने आतंकवाद के खिलाफ प्रहार को रोजमर्रा की रणनीति बनाने तथा नारकोटिक्स के खिलाफ ‘डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय’ के तीन डी पर काम करने का आह्वान किया। इसके अलावा उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों को लक्ष्य दिए कि अगले एक वर्ष में तीनों न्याय संहिताओं का पूर्ण क्रियान्वयन किया जाए, अपराधों के मामले में दोष सिद्धि दर में 25% वृद्धि की जाए। देश को जल्द घुसपैठिया मुक्त बनाने पर काम करना। आतंकी नेटवर्क के खिलाफ 360 डिग्री कार्रवाई हो। नारकोटिक्स के खिलाफ 3D रणनीति पर जोर दिया और साथ ही । विदेशों से भगोड़ों को भारत लाने की मुहिम तेज़ करने की भी बात कहीं।