
पीयूष गोयल(फोटो-IANS)
Piyush Goyal: भारत सरकार सेमीकंडक्टर, Artificial Intelligence (AI) और अन्य हाई-टेक्निकल कंपनियों के लिए निवेश का रास्ता आसान करने की तैयारी में है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि सरकार भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के प्रमाणन नियमों को सरल बनाने पर काम कर रही है, ताकि वैश्विक कंपनियों को भारत में इंडस्ट्री लगाने में नियमोंके बाधाओं का सामना न करना पड़े। टोक्यो में सेमीकंडक्टर और AI पर आयोजित गोलमेज बैठक में गोयल ने कहा कि भारत का लक्ष्य दुनिया का प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र बनना है और जापानी कंपनियों को केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से हरसंभव सहयोग मिलेगा।
गोयल ने बताया कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने विशेष रूप से BIS प्रमाणन प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। उनके अनुसार, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी विशेष मशीनों, उपकरणों और कंपोनेंट्स को भारत लाने में प्रमाणन संबंधी जटिलताएं परियोजनाओं में देरी का कारण बनती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ BIS को नया ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ऐसे उपकरणों के आयात और उपयोग की प्रक्रिया अधिक सरल हो सके।
केंद्रीय मंत्री ने संकेत दिया कि सरकार विभिन्न स्तरों पर छूट देने की संभावना पर विचार कर रही है। इसमें विशेष औद्योगिक क्षेत्रों, किसी खास कंपनी, उत्पाद या परियोजना के आधार पर BIS नियमों में राहत देने जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। गोयल ने कहा कि भारत लौटने के बाद सरकार सामूहिक छूट, उत्पाद-आधारित छूट, परियोजना-आधारित छूट और कंपनी स्तर पर राहत जैसे मॉडल पर काम करेगी, ताकि नई विनिर्माण इकाइयों की स्थापना में अनावश्यक देरी न हो।
गोयल ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल है और जापानी कंपनियों के लिए देश में निवेश के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार निवेशकों को उपयुक्त स्थानीय साझेदारों और संभावित निवेशकों की पहचान करने में भी मदद करेगी। उनके मुताबिक, भारत और जापान के बीच उन्नत विनिर्माण, नई प्रौद्योगिकियों और मजबूत सप्लाई चेन के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
भारत वर्तमान में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने और वैश्विक टेक कंपनियों को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और चिप निर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। BIS नियमों को सरल बनाने की पहल भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।
Updated on:
25 Aug 2026 10:00 pm
Published on:
25 Aug 2026 09:55 pm
