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सरकार को दो तिहाई बहुमत का भरोसा, महिला आरक्षण पर हो सकता है संसद का विशेष सत्र

Special Session Of Parliament: महिला आरक्षण पर केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है। सरकार को इस मामले में दो तिहाई बहुमत मिलने का भरोसा है।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 26, 2026

Lok Sabha

लोकसभा (Photo - ANI)

जेन-ज़ी और शिक्षा सुधार के विपक्ष के नैरेटिव को पीछे धकेलने के लिए केंद्र सरकार महिला आरक्षण (Women Reservation) के मुद्दे को प्राथमिकता में लाने की तैयारी में है। महिला आरक्षण और उसके साथ परिसीमन के संविधान संशोधन विधेयक पर एक बार फिर एनडीए हलकों में सियासी सक्रियता बढ़ गई है। जानकार सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार यह विधेयक नए सिरे से पारित करवाने के प्रयास में संसद का विशेष सत्र (Special Session Of Parliament) बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है।

अगले महीने बुलाया जा सकता है विशेष सत्र

संसद का विशेष सत्र अगले महीने के तीसरे सप्ताह में 21-22 सितंबर के आसपास बुलाया जा सकता है। महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने का मूल विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) भी तीन साल पहले 20-21 सितंबर 2023 को पारित हुआ था। सरकार इन्हीं तारीखों पर इस कानून को 2029 से ही लागू करने के लिए नया विधेयक लाकर संदेश देना चाहती है।

सरकार के पास पूरा समर्थन?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन को 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू करना चाहती है। इसी प्रयास में अप्रैल 2026 में विधेयक लाया गया था लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं होने से यह पारित नहीं हो सका। सरकार के आला सूत्रों का मानना है कि इस बार उनके पास इस बिल को पारित करवाने के लिए पर्याप्त दो-तिहाई समर्थन मौजूद है। सरकार इसे मानसून सत्र में ही लाना चाहती थी, लेकिन हंगामे के कारण इसे नहीं लाया जा सका था। संसद के मानसून सत्र को अनिश्चितकालीन स्थगन को 13 दिन से ज़्यादा हो चुके हैं लेकिन अभी तक सत्रावसान नहीं हुआ है। इस असामान्य स्थिति को भी विशेष सत्र (बैठक) बुलाने से जोड़कर देखा जा रहा है।

कांग्रेस के महिला मुद्दे का राजनीतिक जवाब

बीजेपी (BJP) की रणनीति में महिला आरक्षण को सिर्फ संवैधानिक और चुनावी सुधार के मुद्दे के तौर पर नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। कांग्रेस (Congress) लगातार महिला मतदाताओं से जुड़े मुद्दों की बात कर रही है। हाल ही नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक कार्यक्रम में महिला अधिकारों पर जोर दिया था। ऐसे में बीजेपी लीडरशिप महिला आरक्षण-परिसीमन विधेयक लाकर कांग्रेस के अभियान की धार को बंद करना चाहती है। बीजेपी महामंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) कांग्रेस से इस विधेयक पर सहयोग मांग चुकी हैं।