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भारत-चीन सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान की तलाश जारी रखने पर सहमत

India-China Border Dispute: भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद में दोनों देशों ने राजनीतिक समाधान की तलाश करने पर सहमति जताई।
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भारत

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Tanay Mishra

Aug 26, 2026

India-China flags

भारत-चीन के ध्वज (Representational Photo)

भारत (India) और चीन (China) के बीच सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वें दौर की वार्ता चीन की राजधानी बीजिंग में हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) और भारत के विशेष प्रतिनिधि अजित डोभाल (Ajit Doval) ने चीन के विदेश मंत्री और विशेष प्रतिनिधि वांग यी (Wang Yi) के साथ इस वार्ता की सह-अध्यक्षता की। इससे पहले दोनों के बीच जून में दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान भी मीटिंग हुई थी।

जताई सहमति

इस वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सीमा विवाद में राजनीतिक समाधान की तलाश करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने अपने समग्र और दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए सीमा विवाद के राजनीतिक समाधान की तलाश में काम जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2024 में कजान और अगस्त 2025 में तियानजिन में दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी अहम सहमतियों को लागू करने में हुई प्रगति की समीक्षा की। इसके साथ ही दोनों ने लोगों के बीच संपर्क और सीमा पार आवाजाही फिर शुरू होने पर संतोष जताया। इसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा और तीन निर्धारित सीमा व्यापार मार्गों से जारी व्यापार भी शामिल है।

चीन के उपराष्ट्रपति से भी की मुलाकात

चीन दौरे के दौरान एनएसए डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग (Han Zheng) से भी मिले। डोभाल और झेंग के बीच द्विपक्षीय मीटिंग हुई, जिसके दौरान दोनों ने सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मज़बूत करने पर भी चर्चा की। इसके अलावा दोनों ने आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय मंचों पर द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने पर भी चर्चा की।

सीमा पर शांति ज़रूरी

भारतीय पक्ष ने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। भारत के अनुसार सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के लगातार विकास और प्रगति के लिए ज़रूरी है।

विचारों का हुआ आदान-प्रदान

वार्ता में दोनों देशों ने आपसी हितों से जुड़े द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान डोभाल ने कहा कि भारत और चीन के रिश्तों में जो सामान्य स्थिति देखने को मिली है, वह दोनों पक्षों द्वारा सीमांत इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने का सीधा नतीजा है।