
Amit Shah Mumbai: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई की एशियाटिक सोसाइटी में आयोजित 'गणेश ज्ञानार्थी' विशेष पांडुलिपि प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारत की ऐतिहासिक स्मृति, संस्कृति, भाषा और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। शाह ने कहा कि जो राष्ट्र अपने इतिहास, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं की रक्षा नहीं कर सकता, वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, उसके खत्म होने में देर नहीं लगती। इसी दौरान मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने का ऐलान किया। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने चलेगा।
अमित शाह ने कहा कि जो राष्ट्र अपनी स्मृति, इतिहास, संस्कार, भाषा, अभिलेख और परंपराओं की रक्षा नहीं कर सकता, वो कितना भी शक्तिशाली हो, उसको समाप्त होने में देर नहीं लगती है। उन्होंने कहा कि इसके उलट जो राष्ट्र अपनी स्मृति, इतिहास, परंपराओं, संस्कार, अभिलेख, भाषाओं और व्याकरण की रक्षा करता है, उसे लंबे समय तक गुलाम रहने के बावजूद कोई पूरी तरह गुलाम नहीं बना सकता। शाह ने भारत को इसका उदाहरण बताया।
अमित शाह ने भारत की ज्ञान परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि देश में ऐसा ओजस्वी ज्ञान पैदा हुआ था, जो पूरे विश्व का मार्गदर्शन करने वाला था। उन्होंने कहा कि इस ज्ञान को खत्म करने की कोशिशें हुईं, लेकिन उसे समाप्त नहीं किया जा सका। शाह ने नालंदा का उदाहरण देते हुए कहा कि पुस्तकालय को जलाया जा सकता है और वहां से महीनों तक धुआं उठ सकता है, लेकिन स्मृति और श्रुति के जरिए लोगों के मन में बसे ज्ञान को खत्म नहीं किया जा सकता।
गृह मंत्री ने कहा कि भारत के संस्कार और परंपरा में पराजय के समय धैर्य रखते हुए आगे बढ़ने और विजय के बाद भी जिन लोगों पर विजय मिली, उनकी स्मृतियों को नष्ट न करने की भावना रही है। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा विजित लोगों की स्मृतियों को मिटाने के बजाय उन्हें अपनी परंपरा से जोड़ने का प्रयास करती रही है।
एशियाटिक सोसाइटी में बदलाव की जरूरत पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि 'सच्चा ज्ञान कभी विचारधारा का बंधक नहीं होता है।' उन्होंने कहा कि ज्ञान अपने आप में एक विचारधारा है और अगर उसे किसी तरह बांध दिया जाए तो ज्ञान के मायने ही बदल जाते हैं। उनके मुताबिक ज्ञान को मुक्त होना चाहिए।
मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। शाह ने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इससे पहले गुजरात में और बाद में देशभर में बीजेपी की ओर से 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक, जबकि कई जगह एक सप्ताह तक, जन्मदिन को 'सेवा सप्ताह' के तौर पर मनाया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि इस साल इसका एक विशेष उद्देश्य है। एक लंबी संगठनात्मक प्रक्रिया के बाद 7 अक्टूबर 2026 को नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री का कार्यकाल अभी जारी है और देश में ऐसे बहुत कम नेता हैं, जिनका मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा का रिकॉर्ड रहा हो।