गिफ्ट सिटी में किसी भी तरह के व्यापारिक लेनदेन के लिए विदेशी मुद्रा का ही इस्तेमाल करना होगा। भारत में बैठ कर विदेशी मुद्रा में कारोबार की सुविधा केवल गिफ्ट सिटी में ही है। यहां केवल प्रशासनिक खर्चों में ही रुपए का इस्तेमाल हो सकता है।
भारत में आपको व्यापार करना है तो कहीं भी जाएं रूपया ही चलेगा। लेकिन देश में एक ऐसा भी शहर है जहां रुपया नहीं बल्कि 15 तरह की विदेशी मुद्राएं चलती हैं। अगर आपको कोई व्यापारिक लेनदेन करना है तो विदेशी मुद्रा में करना होगा। ऐसा शहर है गुजरात का गिफ्ट सिटी जो अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित है। दुबई, सिंगापुर जैसे यह इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस देने वाले शहरों की तरह ही यह भी एक बड़े बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित हो रहा है। 38 बैंकों सहित 1034 इकाइयों वाले इस शहर की बैकिंग संपदा 100.14 बिलियन डॉलर से ज्यादा है।
गिफ्ट सिटी के लिए केन्द्र सरकार ने विशेष कानून के जरिए इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथारिटी का गठन किया है। जिसके तहत बैंकिंग, शेयर, बीमा, पेंशन सहित कई क्षेत्रों के लिए इसे गिफ्ट सिटी के इस स्पेशल जोन में नियामक बनाया गया है। अब इस जोन में कार्यरत इकाइयों पर आईएफएससीए के रेगुलेशन लागू होते हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल सेंटर्स के इंडेक्स(जीएफसीआई) में गिफ्ट सिटी का 46 वां स्थान है।
गिफ्ट सिटी में बुलियन, बैंकिंग, कैपिटल मार्केट, बीमा, फंड मैनेजमेंट के साथ ही एविएशन सेक्टर और शिपिंग इंडस्ट्री में भी कारोबार हो रहा है। यहां से 37 एयरक्राफ्ट लीजर्स पंजीकृत हैं और 303 हवाई संपदाओं की लीजिंग हो चुकी है। पानी के जहाजों के 34 लीजिंग कंपनियां रजिस्टर्ड हैं। इसके साथ ही यहां 18 विदेशी बैंक भी कार्यरत है। कई भारतीय कारपोरेट अब विदेशों की बजाय गिफ्ट सिटी से उधार ले रहे हैं।
कुल पूंजी निर्माण की दृष्टि से गिफ्ट सिटी अबुधाबी से आगे निकल गया है और अब दुबई, सिंगापुर और हांगकांग से मुकाबला हो रहा है। गौरतलब है कि गिफ्ट सिटी में कार्यरत बैंकों ने 58 बिलियन डॉलर से ज्यादा का कारोबार किया है। यहां अमरीकन डॉलर, यूरो, जापानीज येन, पौंड स्टर्लिंग, कनाडियन डॉलर, ऑस्ट्रेलियन डॉलर, स्विस फ्रैंक, हांग-कांग डॉलर, सिंगापुर डॉलर, यूएई दिरहम, रशियन रूबल, स्वीडिश क्रोन, नोर्वेजियन डॉलर, न्यूजीलैंड डॉलर, डेनिश क्रोन जैसी अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार हो रहा है।