
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में बगावत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मजबूती तो दे ही गया है, उसका समीकरण भी बदल रहा है। ममता के बागियों के एनडीए में आने से पहले नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और एन. चंद्रबाबू की तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) गठबंधन के बड़े साथी थे। जेडीयू के 12 और टीडीपी के 16 सांसद हैं। लेकिन, अब टीएमसी से बागी हुए सांसदों की पार्टी एनसीपीआई एनडीए में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। इसमें 20 सांसद हो गए हैं। शिव सेना (शिंदे) में उद्धव गुट के छह बागियों के भी औपचारिक रूप से आ जाने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी चौथे नंबर पर चली जाएगी।
नए घटनाक्रम से से टीडीपी और जेडीयू की गठबंधन में सौदेबाजी की ताकत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। जेडीयू पहले ही अपनी यह ताकत काफी कम करा चुकी है। टीडीपी के लिए भी अब गठबंधन में सदस्य संख्या के दम पर केंद्र से राज्य के लिए फंड या कोई अन्य फायदा लेना आसान नहीं रहेगा। केंद्र के लिए अब पश्चिम बंगाल प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहेगा। राज्य में पहली बार सत्ता हासिल करने की वजह से यह पहले से था, लेकिन अब इस पर अमल में केंद्र को पूरी आजादी रहेगी। गठबंधन से कोई दबाव बनने की स्थिति नहीं रहेगी।
अगर उद्धव ठाकरे की शिव सेना के छह सांसद एक नाथ शिंदे की शिव सेना में चले गए तो शिंदे सेना के सांसदों की संख्या 13 हो जाएगी। यह एनडीए में जेडीयू और टीडीपी की ताकत और कम करने के लिहाज से एक और अहम कारण होगा।
| दल का नाम | लोकसभा सांसदों की संख्या |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 240 |
| नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी (NCPI - TMC बागी समूह) | 20 |
| तेलुगु देशम पार्टी (TDP) | 16 |
| शिवसेना (SHS) | 13 (अगर उद्धव गुट के छह के आने की आधिकारिक पुष्टि हो जाए तो) |
| जनता दल (यूनाइटेड) - JD(U) | 12 |
| लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) - LJP(RV) | 5 |
| जनता दल (सेक्युलर) - JD(S) | 2 |
| जनसेना पार्टी (JSP) | 2 |
| राष्ट्रीय लोक दल (RLD) | 2 |
| अपना दल (सोनेलाल) - AD(S) | 1 |
| असम गण परिषद (AGP) | 1 |
| ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) | 1 |
| हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM-S) | 1 |
| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) | 1 |
| सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) | 1 |
| कुल (NDA) | 318 |
भाजपा भले ही अपने दम पर बहुमत में नहीं है, लेकिन ताजा घटनाक्रम से पहले भी वह गठबंधन में कमजोर नहीं थी। न ही आज की स्थिति में कोई पार्टी (गठबंधन या बाहर की) उसे चुनौती देने की स्थिति में है। बंगाल चुनाव परिणाम के बाद बदले राजनीतिक हालात से केंद्र में जहां मोदी सरकार मजबूत होगी, वहीं राज्यों के क्षत्रपों के लिए चुनौती बढ़ेगी। इनमें ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, चंद्र बाबू नायडू और उद्धव ठाकरे मुख्य नाम हैं। इसका फायदा भाजपा को 2029 के लोक सभा चुनाव में भी मिल सकता है।
विपक्ष के लिहाज से देखा जाए तो पार्टियों की बगावत उन्हें आपसी एकता की अहमियत समझाने में मददगार हो सकती है। शायद इसी अहमियत के मद्देनजर हाल ही में, काफी अंतराल के बाद, नई दिल्ली में 'इंडिया' की बैठक हुई।
ताजा परिस्थितियों में विपक्षी एकता के लिहाज से सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस की अहमियत बढ़ने वाली है। 'इंडिया' की हालिया बैठक में इसके संकेत भी मिले। इस बैठक में राहुल गांधी ने जिस तरह का भाषण दिया, उससे भी कांग्रेस के आत्मविश्वास और उसके अलग नजरिए की झलक दिखती है। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस मूल रूप से बाकी पार्टियों से अलग है और वह प्रतिरोध के जरिए सभी दलों को राह दिखाती रहेगी और यही असरदार तरीका है।
| गठबंधन | दल का नाम | जीती गई सीटें |
| NDA | भाजपा | 240 |
| TDP | 16 | |
| JD(U) | 12 | |
| SHS | 7 | |
| LJP(RV) | 5 | |
| JSP | 2 | |
| RLD | 2 | |
| JD(S) | 2 | |
| UPPL | 1 | |
| AGP | 1 | |
| HAM(S) | 1 | |
| NCP | 1 | |
| SKM | 1 | |
| अपना दल (S) | 1 | |
| AJSUP | 1 | |
| कुल (NDA) | 293 | |
| INDIA | INC | 99 |
| SP | 37 | |
| AITC | 29 | |
| DMK | 22 | |
| SHS(UBT) | 9 | |
| NCP(SP) | 8 | |
| RJD | 4 | |
| CPI(M) | 4 | |
| AAP | 3 | |
| IUML | 3 | |
| JMM | 3 | |
| CPI(ML) | 2 | |
| VCK | 2 | |
| CPI | 2 | |
| JKNC | 2 | |
| ASP(KR) | 1 | |
| RLP | 1 | |
| BAP | 1 | |
| KEC | 1 | |
| RSP | 1 | |
| MDMK | 1 | |
| कुल (INDIA) | 235 | |
| OTHERS | निर्दलीय (Independent) | 7 |
| YSRCP | 4 | |
| AIMIM | 1 | |
| SAD | 1 | |
| VOTPP | 1 | |
| ZPM | 1 | |
| कुल (OTHERS) | 15 |