
मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी व पूर्व विधायक नीलम देवी को जदयू से बाहर कर दिया गया है। साथ ही, जदयू की सिफारिश पर बिहार सरकार ने नीलम देवी का राज्य मंत्री का दर्जा भी खत्म कर दिया है।
अब जदयू के भीतर चल रही सियासी खींचतान पर डॉ. संजीव कुमार ने बड़ा बयान दिया है। बता दें कि संजीव कुमार पहले जदयू के विधयक रह चुके हैं। अब वह राजद में हैं। उन्हें पार्टी ने बिहार शिक्षक एमएलसी चुनाव में कैंडिडेट बनाया है, जिसकी मतगणना मंगलवार को है।
संजीव कुमार मीडिया से बात करते हुए कहा कि अनंत सिंह को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नहीं छोड़ना चाहिए थे, यह उनकी सबसे बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह को जदयू से भी काफी पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था।
उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य और उन्हें पद से हटाए जाने से जुड़ी चर्चाओं पर भी टिप्पणी की। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू में अब पर्दे के पीछे राजनीति हो रही है। सभी नेता पावर गेम खेल रहे हैं।
संजीव कुमार ने यह भी कहा कि जब से नीतीश जी की तबीयत खराब हुई है, तब से जदयू में सस्टम खराब है। अन्य लोग हावी है, आपस में पावर पॉलिटिक्स की लड़ाई चल रही है। जदयू के अंदर अभी भी मेरे सारे लोग हैं, जिनसे बातचीत होती रहती है।
संजीव ने यह भी दावा किया कि अब पार्टी पूरी तरह से टूटने वाली है। वहीं, राजद नेता ने यह भी खुलकर कहा कि नीतीश जी पार्टी में सक्रिय थे, तो सबका ध्यान रखते थे, सबसे बातचीत करते थे, अब कोई भी उस पार्टी में नेता नहीं है, जो किसी से बात करे।
बता दें कि अनंत सिंह को जदयू से बाहर किए जाने के बाद बिहार की राजनीति में सियासी हलचल तेज है। एक दिन पहले, महागठबंधन में एक विधायक आईपी गुप्ता ने अनंत सिंह को खुला ऑफर दिया था। उन्होंने खुलकर कहा था कि महागठबंधन में आपका स्वागत है।
वहीं, अनंत सिंह ने भी रविवार को बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जदयू के लिए क्या नहीं किया, सरकार बनवाने के लिए राजद से गद्दारी तक की, लेकिन पार्टी ने इसका मोल नहीं दिया। इस लोकसभा चुनाव में पार्टी का खाता तक नहीं खुलेगा।