
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के बीच मंगलवार को अमरावती में हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद आंध्र सरकार ने अगले ढाई महीनों में चेन्नई के लिए 3 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने का निर्णय घोषित किया।
यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब चेन्नई की जल आवश्यकताओं को लेकर दोनों राज्यों के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वहीं, कर्नाटक ने तमिलनाडु को पानी देने से साफ इनकार किया है।
चेन्नई में मानसून की बेरुखी की वजह से जल संकट के हालात है और ऐसे में आंध्रप्रदेश से पानी मिलने की खबर राहत भरी है।
इस बैठक के लिए मुख्यमंत्री विजय विशेष विमान से विजयवाड़ा पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।
इसके बाद उन्होंने विजयवाड़ा स्थित प्रसिद्ध कनक दुर्गा मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मंदिर में उन्हें पारंपरिक पूर्णकुंभ सम्मान दिया गया।
अमरावती में हुई बैठक के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने कंदलेरू जलाशय से तमिलनाडु को मिलने वाले 12 टीएमसी कृष्णा नदी जल, जल आपूर्ति व्यवस्था तथा गोदावरी-कृष्णा-कावेरी नदी जोड़ो परियोजना सहित विभिन्न अंतरराज्यीय मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री एन. आनंद और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक से पहले नायडू ने सीएम विजय का परिचय राज्य के मंत्रियों पोंगुरु नारायण और निम्मला रामानायडू तथा ओंगोल सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी से कराया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विजय और चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती उत्सव नवरात्रि कार्यक्रम में भी भाग लिया। दोनों नेताओं ने आंध्र प्रदेश की पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री विजय और उनके साथ गए प्रतिनिधिमंडल को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस मुलाकात को आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच जल सहयोग और अंतरराज्यीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समारोह में सीएम विजय ने अपने संक्षिप्त भाषण में अपने समकक्षी नायडू का आभार जताया और दर्शकों का अभिवादन करते हुए तमिल में कहा, ‘ एण नेंजिल कुडिइरक्कुम..’ यानी मेरे दिल में बसे मेरे लोग....। इस कथन के साथ सभागार में मौजूद लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया।