13 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पूर्व ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, काम के प्रति समर्पण और ऊर्जा को बताया सभी के लिए मिसाल

Rishi Sunak Meets PM Narendra Modi: ब्रिटेन के पूर्व पीएम ऋषि सुनक ने आज दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Tanay Mishra

•

Oct 13, 2026

Rishi Sunak meets Prime Minister Narendra Modi

ऋषि सुनक ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात (Photo - @RishiSunak)

ब्रिटेन (Britain/UK) के पूर्व पीएम ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने आज भारत (India) की राजधानी दिल्ली में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम के दौरान हुई, जहाँ दोनों ग्लोबल नेता बड़ी ही गर्मजोशी से एक-दूसरे से मिले।

सुनक ने की पीएम मोदी की तारीफ

सुनक ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद उनकी तारीफ की। पूर्व ब्रिटिश पीएम ने पीएम मोदी से मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आज दिल्ली में आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगा। जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर आपको बधाई, यह एक शानदार उपलब्धि है। जब मैं प्रधानमंत्री था, तब आपके साथ काम करके मुझे बहुत खुशी हुई थी। आपकी प्रतिबद्धता, काम के प्रति आपका समर्पण और आपकी ऊर्जा हम सभी के लिए एक मिसाल है। आपकी लीडरशिप में भारत और यूके के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। आज की अनिश्चित दुनिया में व्यापार, टेक्नोलॉजी और एआई के क्षेत्र में हमारे दोनों देशों का सहयोग बहुत ज़रूरी है। मुझे यकीन है कि आने वाले सालों में भारत और ब्रिटेन और भी करीब आएंगे।"

बदलते ग्लोबल माहौल में अपना रास्ता खुद तय कर रहा भारत

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पैनल डिस्कशन के दौरान संबोधित करते हुए सुनक ने कहा कि भारत और गल्फ देश बदलते ग्लोबल माहौल में अपना रास्ता खुद तय करने में ज़्यादा सक्षम हो रहे हैं और इस मामले में वो हमेशा अमेरिका या चीन की बात से सहमत नहीं होंगे। सुनक ने इस दौरान जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और ग्लोबल पावर के बदलते समीकरणों का भी ज़िक्र किया।

नई अनिश्चितताएं और जोखिम हो रहा पैदा

सुनक ने यह भी कहा कि दुनिया उस मल्टीलेटरल, नियमों पर आधारित ढांचे से दूर जा रही है जिसने ग्लोबल इकोनॉमी को आकार दिया था और इस वजह से नई अनिश्चितताएं और जोखिम पैदा हो रहे हैं। पूर्व ब्रिटिश पीएम ने कहा, "हम सभी एक ऐसे मल्टीलेटरल, नियमों पर आधारित ढांचे में निवेश करते हुए और काम करते हुए बड़े हुए हैं, जिसे मुख्य रूप से लागू किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके कारण नहीं हैं, बल्कि वह इसका एक लक्षण हैं। अभी हम जिस दुनिया में हैं, उसमें हमें ठीक से नहीं पता कि हम किस स्थिति में हैं और इस वजह से जियोपॉलिटिकल स्तर पर नई अनिश्चितताएं और असल में जोखिम पैदा हो रहा है।"