
Artificial Intelligence: जिस दौर में यह डर हावी है कि सेंकडों में पूरा भाषण या कंटेंट लिखने वाला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) लेखकों की नौकरियां निगल जाएगा, उसी दौर में दुनिया के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल 'क्लॉड' को बनाने वाली अमरीकी कंपनी एंथ्रोपिक अपने सैन फ्रांसिस्को मुख्यालय के लिए 'एग्जीक्यूटिव कम्युनिकेशन राइटर' तलाश रही है। जिसके लिए सालाना 3,45,000 डॉलर (लगभग 3.25 करोड़ रुपए) का भारी-भरकम सैलरी पैकेज तय किया गया है। जो सिलिकॉन वैली के बहुत सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के बराबर है।
जॉब लिस्टिंग के अनुसार, चयनित उम्मीदवार एंथ्रोपिक के सीईओ और रिसर्च हेड्स के साथ सीधे काम करेगा। उसका मुख्य काम जटिल तकनीकी विचारों, एआइ के जोखिमों और सामाजिक प्रभावों को वैश्विक मीडिया, सरकारों व निवेशकों के सामने सटीक तरीके से पेश करना होगा। संकट के समय कंपनी का रुख तय करने की जिम्मेदारी इसी इंसानी दिमाग की होगी।
इस पद के लिए कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस या हाई-लेवल राइटिंग में कम से कम 8 वर्षों का अनुभव मांगा गया है। भारत सहित दुनियाभर से आवेदन किए जा सकते हैं। कंपनी वीजा स्पॉन्सरशिप तो देती है, लेकिन कानूनी अनिश्चितताओं के चलते 100% गारंटी नहीं देते हुए कहा गया है कि योग्य विदेशी उम्मीदवारों के लिए हर संभव कानूनी प्रयास किए जाएंगे।
'शब्द जनरेट करना' और 'लिखना' अलग:
एआइ सही व्याकरण के साथ तुरंत टेक्स्ट लिख सकता है, लेकिन शब्दों को असरदार बनाती संदर्भ, सहानुभूति, बारीकियां और इंसानी भावनाएं केवल इंसान के पास हैं।
एआइ कंटेंट की उबाऊ बाढ़:
इंटरनेट अब एआइ से लिखे एक जैसे, नीरस आर्टिकल्स से भर चुका है। ऐसे में मौलिक इंसानी सोच सबसे दुर्लभ और कीमती प्रोडक्ट बन गई है।
स्टोरीटेलिंग की बढ़ती कीमत:
बेसिक काम करने वालों पर संकट जरूर है, लेकिन एआइ युग में रणनीति और कहानियां गढ़ने वाले टॉप-लेवल क्रिएटर्स की वैल्यू 10 गुना बढ़ गई है।